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Ramayana Movie VFX Controversy: रणबीर कपूर की ‘रामायण’ पर भारी पड़ा VFX का बोझ! क्या ये कमियां फिल्म की सबसे बड़ी चुनौती बनेंगी?

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Published On: April 8, 2026

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नई दिल्ली. ‘रामायण’ सिर्फ एक महाकाव्य नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए आस्था का केंद्र है. जब भी इस हमेशा चलने वाली गाथा को पर्दे पर लाने की कोशिश की जाती है, तो दर्शकों की उम्मीदें काफी ऊंची हो जाती हैं. ‘दंगल’ जैसी फिल्में बनाने वाले नितेश तिवारी इस बार ‘रामायण’ को ग्लोबल लेवल पर पेश करने का दावा कर रहे हैं. हालांकि, फिल्म के शुरुआती विजुअल्स ने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया है. जहां भव्यता की तारीफ हो रही है, वहीं VFX की क्वालिटी पर तीखे सवाल उठ रहे हैं.

फिल्म ‘रामायण’ के टीजर में VFX सीन

फिल्म के शुरुआती सीन में VFX का इस्तेमाल मुख्य रूप से ‘भगवान राम’ की भूमिका निभाने वाले रणबीर कपूर को काफी दिव्य रूप में दिखाने के लिए किया गया है. टेक्निकली, फिल्म में मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसका मकसद किरदारों के एक्सप्रेशन को जिंदा करना है. कुछ सीन में लाइटिंग इतनी बनावटी लगती है कि वे लाइव बैकग्राउंड से मेल नहीं खातीं.

टीजर के VFX पर लोगों का मिला जुला रिएक्शन

पॉजिटिव रिएक्शन: दर्शकों का एक हिस्सा भव्य सेट और रणबीर कपूर के शानदार अवतार की तारीफ कर रहा है. उनका मानना ​​है कि ऑस्कर जीतने वाली VFX कंपनी DNEG के शामिल होने से फिल्म के विजुअल स्टैंडर्ड हॉलीवुड के करीब आ जाएंगे.

नेगेटिव रिएक्शन: एक बड़ा हिस्सा फिल्म के ‘कार्टून जैसे’ लुक से नाखुश है. नेटिजेंस का कहना है कि किरदारों के चेहरों पर चमक बहुत ज्यादा डिजिटल लगती है. कई लोगों ने इसे ‘रामायण’ कम और ‘वीडियो गेम’ ज्यादा कहा है. लोगों का कहना है कि पौराणिक कहानियों में ‘ऑर्गेनिक’ फील होना चाहिए, न कि बहुत ज्यादा सिंथेटिक.

‘रामायण’ टीजर के साथ असली VFX प्रॉब्लम

असली प्रॉब्लम VFX की मात्रा में नहीं, बल्कि ‘अनकैनी वैली’ इफेक्ट में है. यह एक ऐसी सिचुएशन है जहां डिजिटल कैरेक्टर लगभग इंसान जैसे दिखते हैं लेकिन पूरी तरह से नहीं, जिससे ऑडियंस को कंफर्टेबल होने के बजाय अजीब लगता है. लाइव एक्शन एक्टर्स पर पड़ने वाली लाइटिंग और उनके पीछे डिजिटल बैकग्राउंड की लाइटिंग के बीच तालमेल की कमी है.

फिल्म के निर्माता ने क्या किया वादा?

वहीं, मंगलवार को नमित मल्होत्रा ​​ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक इमोशनल नोट शेयर किया. उन्होंने न सिर्फ दर्शकों के जोश के लिए उनका शुक्रिया अदा किया, बल्कि यह भी भरोसा दिलाया कि टीम फिल्म की VFX कमियों को ठीक करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. नमित ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘पिछले कुछ दिनों में हमें जो रिस्पॉन्स मिला है, वह सच में बहुत ज्यादा और विनम्र करने वाला रहा है. मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हमारे ‘राम’ दुनिया भर में लाखों दिलों को छू रहे हैं. मैं आपकी सभी बातचीत, जोश और फीडबैक का सम्मान करता हूं. यह कहानी अरबों लोगों के विश्वास से गहराई से जुड़ी हुई है, इसलिए यह हमारी पूरी देखभाल और संवेदनशीलता की हकदार है.’

आदिपुरुष के VFX से तुलना

‘रामायण’ के VFX की तुलना ओम राउत की ‘आदिपुरुष’ से करना स्वाभाविक है. ‘आदिपुरुष’ को अपने खराब एनिमेशन और कैरेक्टर्स के अजीब चित्रण के कारण बहुत ज्यादा आलोचना और बॉयकॉट का सामना करना पड़ा.

आदिपुरुष: इस फिल्म में VFX बहुत ज्यादा लाउड और डार्क था. किरदारों का लुक हॉलीवुड फिल्मों के मॉन्स्टर्स से इंस्पायर्ड लग रहा था, जिससे इंडियन ऑडियंस को निराशा हुई.

‘रामायण’: नितेश तिवारी की फिल्म का पैलेट ज्यादा ब्राइट और गोल्डन है. हालांकि यह टेक्नोलॉजी के मामले में ‘आदिपुरुष’ से बेहतर दिखती है, लेकिन डर बना हुआ है कि यह असलियत से अलग भी हो सकती है. ‘आदिपुरुष’ की नाकामी ने ऑडियंस को VFX के बारे में बहुत सावधान और क्रिटिकल बना दिया है.

क्या ‘रामायण’ रिलीज से पहले अपने VFX इश्यूज को ठीक कर सकती है?

अच्छी खबर यह है कि फिल्म की रिलीज में अभी भी टाइम है. इस फिल्म का पहला पार्ट इस साल दिवाली के अवसर पर रिलीज किया जाएगा. खबरों की मानें तो VFX एक ऐसा प्रोसेस है जिसे आखिरी मिनट तक बदला जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म की टीम अभी टेक्सचर को ज्यादा रियलिस्टिक बनाने के लिए रेंडरिंग और कंपोजिंग पर फिर से काम कर रही है. एक्टर यश न सिर्फ कास्ट मेंबर हैं, बल्कि को-प्रोड्यूसर भी हैं. उनके विजुअल विजन और टेक्निकल समझ से फिल्म का आउटपुट बेहतर होने की उम्मीद है.

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