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Donald Trump on Third World Nations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का थर्ड वर्ल्ड को लेकर दिया हालिया बयान सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि यह उस सोच की झलक है जो दुनिया को ‘हम’ और ‘वे’ में बांटकर देखती है. यह वही सोच है जो आधुनिक लोकतंत्रों के मूल सिद्धांतों समानता, गरिमा और अवसर को चुनौती देती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का थर्ड वर्ल्ड देशों को लेकर दिया बयान नस्लीय पूर्वाग्रहों से ग्रसित है.
अमेरिका ने शनिवार को ईरान के दिवंगत सैन्य कमांडर कासेम सुलेमानी की भतीजी हमीदेह सुलेमानी अफशार और उनकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया. उनके ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए गए. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमीदेह पर आरोप लगाया कि वे ईरानी रिजीम की समर्थक हैं, अमेरिका पर हमलों का जश्न मनाती हैं और अमेरिका को ‘ग्रेट सैटन’ यानी महाशैतान कहती हैं. रुबियो ने साफ कहा कि ट्रंप प्रशासन ऐसे लोगों को अमेरिका में नहीं रहने देगा जो ‘अमेरिका विरोधी आतंकी शासन’ का समर्थन करते हैं.
ट्रंप प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया, लेकिन ठीक उसी दिन व्हाइट हाउस ने एक्स पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जो बयान पोस्ट किया वह इस घटना से कहीं ज्यादा गहरा और खतरनाक संदेश देता है. इसमें डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘अगर आप तीसरी दुनिया से लोगों का लाते हैं, तो आप खुद तीसरी दुनिया बन जाते हैं!- और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, तब तक अमेरिका के साथ ऐसा हरगिज नहीं होगा.’
“‘If you import The Third World, you become The Third World!’— AND THAT’S NOT GOING TO HAPPEN TO THE UNITED STATES OF AMERICA AS LONG AS I AM PRESIDENT.” – President DONALD J. TRUMP 🇺🇸


