Noida International Airport: जिस तारीख का नोएडा ही नहीं पूरे पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर को इंतजार था, उसका आज ऐलान हो गया है. 28 मार्च को नोएडा-ग्रेटर नोएडा लंबी छलांग लगाने वाले हैं और इन शहरों के प्रॉपर्टी मार्केट में जबर्दस्त बूम आने वाला है. दरअसल आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख घोषित कर दी है. ऐसे में देश के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होते ही इस पूरे रीजन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
देखा जाए तो यह परियोजना केवल एक हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर है. इसका फायदा सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि आसपास के करीब दो दर्जन से ज्यादा शहरों को होगा. वहीं इससे नोएडा के नजदीकी और एयरपोर्ट से कनेक्टेड शहरों की प्रॉपर्टी में उछाल लाने वाला है.
इन एक्सप्रेसवेज से जुड़ा है एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं और विशालता के कारण देश का सबसे प्रमुख एविएशन हब माना जा रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात के दबाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा. यह यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे बड़े सड़क मार्गों से जुड़ा है जिससे देश के कई प्रमुख शहरों तक पहुंच बेहद आसान और तेज हो जाएगी, जबकि भविष्य में मेट्रो और रैपिड रेल जैसे प्रोजेक्ट भी इसकी स्थानीय कनेक्टिविटी में चार चांद लगाएंगे.
इन शहरों को भी होगा फायदा
रियल एस्टेट एक्सपर्ट की मानें तो जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, आगरा, मथुरा, और गाजियाबाद सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा के नजदीकी शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों को पंख लगने वाले हैं. ऐसा इन शहरों से कम समय में एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी की वजह से होगा. इन शहरों के अलावा अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, और हापुड़ जैसे शहर भी इस एयरपोर्ट का प्रभाव अपने रियल एस्टेट मार्केट पर देखेंगे.
इस बारे में हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर कहते हैं कि इस एयरपोर्ट के संचालन में आने के बाद, यह एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को तो मजबूत करेगा ही निवेश को आकर्षित करेगा और ग्रेटर नोएडा सहित पूरे एनसीआर में वाणिज्यिक और आवासीय विकास को गति देगा, जिससे यह क्षेत्र खरीदारों और निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा. नोएडा का रियल एस्टेट अब पूरी तरह बदल चुका है. जो शहर पहले एक किफायती विकल्प माना जाता था, वह अब एक मजबूत ग्रोथ हब के रूप में उभर चुका है. इसके पीछे एयरपोर्ट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार आदि बड़े कारण हैं. 28 मार्च के बाद हम मिड और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट दोनों में लगातार मांग की उम्मीद कर रहे हैं.
इन चार क्षेत्रों में बढ़ेगा रोजगार
एयरपोर्ट का जादुई असर इस क्षेत्र के रियल एस्टेट सेक्टर पर साफ देखा जा रहा है, जहां जेवर, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन और प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आया है और बड़े डेवलपर्स यहां आए हैं. यहां अंतरराष्ट्रीय निवेश सहित लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक क्लस्टर्स जैसी व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. देखा जा रहा है कि आने वाले दिनों में यहां एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और मेंटेनेंस जैसे कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे.
वोमेकी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन गौरव के सिंह का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत नोएडा के रियल एस्टेट बाजार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी, खासकर यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में. आने वाले समय में, नोएडा एनसीआर के अगले रियल एस्टेट पावरहाउस के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां निरंतर कीमतों में बढ़ोत्तरी और शहरी विकास देखने को मिलेगा.


