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ओला उबेर की मनमानियों से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है, भारत में नया राइड बुकिंग ऐप लांच हो रहा है. इसे भारतीय कंपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक मोबिलिटी लिमिटेड लॉन्च करने जा रही है. यह जीरो कमीशन, बिना सर्ज प्राइसिंग और पूरी पारदर्शिता के साथ भारतीय ट्रांसपोर्ट सेवा देगा.
भारत में जल्द ही भारतीय नेमभारत ऐप लांच हो रहा है, जो ओला उबेर की मनमानियों पर शिकंजा कसेगा और बेहतर सुविधा देगा.
Nembharat APP for Ride booking: दिल्ली-एनसीआर में खासतौर पर लोग ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए ओला और उबेर पर निर्भर रहते हैं, हालांकि कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं जब ओला और उबेर की मनमारी और ड्राइवरों के रवैये के चलते लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ती हैं, हालांकि अब इन दोनों को टक्कर देने और इनकी मनमानी की छुट्टी करने एक नया राइड बुकिंग ऐप अब भारत में लांच हो रहा है. सबसे खास बात है कि यह ऐप पूरी तरह भारतीय है और इसे लांच ही इस मकसद से किया जा रहा है कि यह लोगों की मजबूरी और मौके का फायदा उठाने वाली कैब सर्विसेज को ठेंगा दिखा दे.
वर्ल्ड इकोनॉमिक मोबिलिटी लिमिटेड (WEML) एक नया राइड-बुकिंग ऐप ‘नेमभारत’ लॉन्च करने जा रहा है. सबसे खास बात है कि यह ऐप कैब ड्राइवरों के लिए जीरो कमीशन और यात्रियों के लिए बिना किसी ‘सर्ज प्राइसिंग’ (किराये में अचानक बढ़ोतरी) के काम करेगा.
नेमभारत को ऐसे समय में लॉन्च किया जा रहा है जब ट्रांसपोर्ट सेक्टर कम कमाई को लेकर ड्राइवरों की हड़ताल, सुरक्षा चिंताओं और मनमाने किराये को लेकर यात्रियों की बढ़ती शिकायतों से जूझ रहा है. नारायणीहिती (NARAYANIHITI) ट्रस्ट द्वारा संचालित यह सर्विस एक प्रीपेड और कैशलेस सिस्टम पर काम करेगी. इस नए बिजनेस मॉडल के तहत ड्राइवर अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकेंगे और यात्रियों को सफर के लिए एक तय किराया देना होगा.
WEML के निदेशक और सीईओ दीपक के शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म गिग वर्कर्स की आय में अनिश्चितता की समस्या को दूर करेगा. उन्होंने इस आगामी ऐप को एक ‘राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क’ (National Transport Network) बताया, जिसे ड्राइवरों की कमाई और यात्रियों के खर्च में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए तैयार किया गया है.
क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं
इस प्लेटफॉर्म पर मानक सुरक्षा नियमों के साथ कैब और ऑटो-रिक्शा सहित परिवहन के विभिन्न साधन जैसे बाइक और कैब की कई केटेगरीज एक ही जगह उपलब्ध होंगी. डब्ल्यूएमएल की निदेशक और सीओओ डॉ. कांची शर्मा कहती हैं कि यह सिस्टम केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के दिशा-निर्देशों के पूरी तरह अनुरूप है. यह प्लेटफॉर्म वर्कफोर्स के मानकों और उपभोक्ता संरक्षण के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने का काम करेगा.
क्या कमीशन और सब्सक्रिप्शन पर लगेगी लगाम
इस ऐप की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है जब ऐप-आधारित कंपनियों की जवाबदेही और वाहन भागीदारों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर रेगुलेटर्स की सख्ती बढ़ रही है. सब्सक्रिप्शन और कमीशन की व्यवस्था को जड़ से खत्म करके, नेमभारत फ्लीट मालिकों और व्यक्तिगत ड्राइवरों दोनों के लिए एक अधिक स्थिर और सुरक्षित माहौल देने की तैयारी में है.
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अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें


