Namo Bharat Rapid rain Delhi to Meerut: 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करने जा रहे हैं. इससे दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से कम में पूरा होने जा रहा है. यही वजह है कि इस बेहतरीन कनेक्टिविटी ने घर खरीदने वालों की नजर मेरठ पर जाकर टिका दी है. देखा जाए तो रैपिड रेल और मेट्रो सिर्फ ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने जा रहे हैं क्योंकि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल के शुरू होने के बाद यहां की जमीनों की तस्वीर तेजी से बदल गई है. साथ ही रैपिड रेल के पूरे कॉरिडोर के आसपास जमीन और फ्लैट की मांग तेजी से बढ़ने लगी है.
स्टेशन के आसपास जमीन की कीमतों में हलचल
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन इलाकों में रैपिड रेल के स्टेशन हैं, वहां 15 से 30 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है. खासतौर पर मेरठ साउथ, मोदीपुरम, शताब्दीनगर और दिल्ली बॉर्डर के आसपास डेवलपर्स नई परियोजनाओं की तैयारी में हैं. मेरठ में मोहिउद्दीनपुर के पास अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर प्रस्तावित नई टाउनशिप भी निवेशकों की नजर में आ गई है. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब लोग दिल्ली में काम और मेरठ में घर का विकल्प गंभीरता से देखने लगे हैं.
5 से 10 साल में बदल जाएगी सूरत
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट का अगला चरण इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का है. रैपिड रेल से मेरठ, दिल्ली के रियल एस्टेट मैप पर और मजबूती से उभरेगा. जिन इलाकों में स्टेशन हैं, वहां कमर्शियल स्पेस, रिटेल और हाई-राइज हाउसिंग का विकास स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा. निवेशक भी अब ऐसे क्षेत्रों की तलाश में हैं जहां आने वाले 5 से 10 वर्षों में वैल्यू में निरंतर वृद्धि हो.
मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है रैपिड रेल के चालू होने से मेरठ ही नहीं गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है क्योंकि इन शहरों से भी मेरठ के बीच दूरी केवल किलोमीटर में नहीं, बल्कि समय में भी काफी कम हो जाएगी. आज का होमबायर सबसे पहले कनेक्टिविटी और ट्रैवल टाइम को देखता है.जब ऑफिस दिल्ली में हो और घर मेरठ या आसपास के क्षेत्रों में लेने का विकल्प आसान हो जाए, तो यह बाजार के लिए बड़ा बदलाव होता है.
नई टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग को मिलेगी गति
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी शहर की रीढ़ होता है. रैपिड रेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट से केवल सफर आसान नहीं होता, बल्कि पूरे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास शुरू होता है.मेरठ और दिल्ली बॉर्डर के बीच के इलाकों में नई टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलेगी. इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और लोकल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
आरामदायक यात्रा से बढ़ेगी मेरठ की मांग
जबकि अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है रैपिड रेल परियोजना से दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी मानसिक रूप से भी कम होगी. जब लोग रोजाना आरामदायक और तेज यात्रा कर पाएंगे, तो वे बड़े शहर की भीड़ से दूर बेहतर और किफायती आवास विकल्प चुनेंगे. इससे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में प्लॉटिंग, विला और अपार्टमेंट सेगमेंट में नई मांग पैदा होगी. यह प्रोजेक्ट पूरे कॉरिडोर के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.
मेरठ बनेगा हॉटस्पॉट
प्रॉपर्टी मास्टर के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, गोल्डी अरोड़ा का कहना है रैपिड रेल प्रोजेक्ट ने दिल्ली और गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार की सोच को बदल दिया है. बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर प्रॉपर्टी की मांग पर पड़ता है. जब सफर आसान और तेज हो जाता है, तो लोग घर खरीदने का फैसला जल्दी लेते हैं. दिल्ली में ऊंची कीमतों के कारण अब खरीदार गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों को गंभीरता से देख रहे हैं. इसलिए लगता है कि रैपिड रेल से पूरे कॉरिडोर में रिहायशी और कमर्शियल दोनों तरह की मांग बढ़ेगी और आने वाले समय में इन शहरों की वैल्यू और मजबूत होगी.


