कोन/सोनभद्र। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां अमिला देवी धाम में मां अमिला भवानी का मनोकामना पूर्ण भव्य श्रृंगार श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न कराया गया। इस विशेष श्रृंगार का आयोजन श्यामराज गुप्ता (एडवोकेट), मुन्ना जायसवाल एवं विकाश रघुवंशी द्वारा कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे माता के दर्शन के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर माता रानी के जयकारों, घंटियों और भजन-कीर्तन से पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में बदल गया।
इस अवसर पर मां अमिला भवानी का विशेष भव्य श्रृंगार अत्यंत आकर्षक ढंग से किया गया। माता को विशेष वस्त्र, पुष्पमालाओं, आभूषणों एवं पारंपरिक सजावट से अलंकृत किया गया। गर्भगृह को रंग-बिरंगे फूलों और प्रकाश सज्जा से सजाया गया, जिससे मंदिर की छटा अत्यंत मनमोहक दिखाई दी। श्रद्धालु माता के इस दिव्य स्वरूप को देखकर भाव-विभोर हो उठे।

श्रृंगार कराने वाले श्यामराज गुप्ता (एडवोकेट), मुन्ना जायसवाल एवं विकाश रघुवंशी ने बताया कि माता रानी की कृपा से मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने यह विशेष श्रृंगार कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि मां अमिला भवानी धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां श्रद्धा से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
नवरात्र के अवसर पर मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु माता के चरणों में चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शांति की कामना कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक उपस्थिति भी देखने को मिली। इस अवसर पर चक्रिया चौकी प्रभारी शिवकुमार जी भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा का जायजा लिया, ताकि पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

मंदिर परिसर में स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा भी व्यवस्था संभाली गई। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से कतारबद्ध कराया गया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार मां अमिला भवानी मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां विशेष पर्वों और नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लोगों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का सुंदर संगम देखने को मिला। भव्य श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान ने क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को और मजबूत किया। आने वाले दिनों में भी मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे।


