कोन/सोनभद्र। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस की कोन थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न प्रकरणों में सात व्यक्तियों के विरुद्ध शांतिभंग की आशंका में निवारक कार्रवाई की है। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सतर्क नजर आ रहा है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से त्योहारों के मद्देनजर पुलिस द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोन थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ऐसे व्यक्तियों की पहचान की, जिनके विरुद्ध शांति भंग होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सात व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध शांतिभंग की धारा में चालान की कार्रवाई की।
थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव सिंह ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में पूर्ण शांति और सौहार्द बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि जैसे धार्मिक अवसरों पर भीड़भाड़ बढ़ जाती है, पूजा-अर्चना, मेले तथा सार्वजनिक आयोजनों के कारण कई स्थानों पर लोगों का आवागमन अधिक रहता है। ऐसे समय में यदि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है तो उसका व्यापक असर पड़ सकता है, इसलिए पुलिस पहले से ही एहतियाती कदम उठा रही है।
पुलिस द्वारा जिन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई उनमें कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा गांव निवासी राम अवध, देवकुमार, त्रिवेणी, राजेश गुप्ता तथा मुन्नीलाल शामिल हैं। इसके अलावा खेमपुर गांव निवासी इंद्रजीत और अंगद कुमार के विरुद्ध भी शांतिभंग की आशंका के आधार पर चालान किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार त्योहारों के दौरान प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पिछले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ने की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अधिक सतर्कता बरत रहा है। इसी कारण थाना स्तर पर ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है।
क्षेत्र में पुलिस की बढ़ी सक्रियता का असर साफ दिखाई दे रहा है। संवेदनशील स्थानों, प्रमुख बाजारों, मंदिरों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। नवरात्रि के दौरान जहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है, वहीं बाजारों में खरीदारी भी तेज हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार भ्रमण कर रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
थाना प्रभारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना क्षेत्र के संवेदनशील गांवों और कस्बों में विशेष निगरानी की जा रही है। जिन स्थानों पर पहले विवाद की स्थिति बन चुकी है, वहां पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर पुलिस बीट व्यवस्था को भी सक्रिय किया गया है ताकि छोटी सूचना भी तुरंत थाना स्तर तक पहुंच सके।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक शांति भंग करने, आपसी विवाद फैलाने, अफवाह फैलाने अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित न हो सके।
स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय यदि पहले से सख्ती बरती जाए तो छोटे विवाद भी बड़े रूप लेने से बच जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यह सतर्कता केवल त्योहारों तक सीमित न रहे बल्कि सामान्य दिनों में भी कानून-व्यवस्था को इसी तरह मजबूत रखा जाए।
क्षेत्र में नवरात्रि के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। कई गांवों में रात्रिकालीन जागरण, दुर्गा पाठ और भजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन धार्मिक आयोजनों के आयोजकों के संपर्क में भी बना हुआ है ताकि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश समय पर दिए जा सकें।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी गांव या मोहल्ले में यदि आपसी विवाद की आशंका हो तो संबंधित लोग तत्काल पुलिस को सूचना दें। बिना सूचना के विवाद बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए समय रहते प्रशासन को अवगत कराना जरूरी है।
कोन क्षेत्र में इन दिनों त्योहारों के कारण धार्मिक गतिविधियां तेज हैं और बाजारों में भी रौनक बढ़ी हुई है। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। थाना पुलिस लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। रात के समय भी गश्त तेज कर दी गई है ताकि असामाजिक तत्व सक्रिय न हो सकें।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहारों की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार की निवारक कार्रवाई जारी रहेगी ताकि क्षेत्र में पूर्ण शांति बनी रहे।

स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस की सतर्कता से क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है और आमजन निश्चिंत होकर त्योहार मना पाते हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारी से इस बार चैत्र नवरात्रि शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होने की उम्मीद जताई जा रही है।

