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Iran Drone Attack California: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बीच FBI ने चेतावनी दी है कि कैलिफोर्निया पर ड्रोन हमले की कोशिश हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला ईरान की ओर से किया जा सकता है. सवाल उठता है कि ईरान और अमेरिका के बीच हजारों किमी की दूरी है. फिर आखिर यह अटैक कैसे संभव है?
अमेरिका ईरान के ड्रोन हमले को लेकर चिंतित है. (AI News)
वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है. अमेरिका लगातार खाड़ी देशों में बने अपने सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमले कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच हजारों किमी की दूरी है, इसलिए ईरान सीधे अमेरिकी जमीन पर हमला नहीं कर पा रहा. इसके जवाब में ईरान अमेरिका के सैन्य ठिकानों और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है. इसी बीच अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक चेतावनी जारी की है. इसमें कहा गया है कि कैलिफोर्निया में अचानक ड्रोन हमले की कोशिश हो सकती है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी की शुरुआत में ही FBI ने सुरक्षा एजेंसियों को कैलिफोर्निया में संभावित ड्रोन हमले को लेकर अलर्ट किया था. हालांकि व्हाइट हाउस ने FBI की इस चेतावनी को ज्यादा गंभीर नहीं माना है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह अलर्ट सिर्फ एक अपुष्ट सूचना पर आधारित था. इसके बावजूद सवाल उठता है कि अगर ईरान चाहे भी तो वह अमेरिकी जमीन पर ड्रोन हमला कैसे कर सकता है?
ईरान से सीधे ड्रोन हमला क्यों मुश्किल है?
- अमेरिका पर सीधे हमला करने में ईरान के लिए सबसे बड़ी समस्या दूरी है. अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 11,000 किलोमीटर की दूरी है. वहीं कैलिफोर्निया अमेरिका के पश्चिमी तट पर है, इसलिए वहां तक की दूरी करीब 12,500 किलोमीटर हो जाती है.
- ईरान के पास मौजूद सबसे शक्तिशाली हमलावर ड्रोन भी करीब 2,000 किलोमीटर तक ही उड़ान भर सकता है. ऐसे में ईरान से सीधे छोड़ा गया कोई भी ड्रोन अमेरिका तक नहीं पहुंच सकता. इसी वजह से सवाल उठता है कि FBI अमेरिकी जमीन पर हमले की आशंका को लेकर क्यों सतर्क है.
अमेरिका में ड्रोन से कैसे हमला कर सकता है ईरान?
- समुद्र से ड्रोन हमला: FBI की चेतावनी में यह भी कहा गया है कि किसी अज्ञात जहाज से ड्रोन लॉन्च किए जा सकते हैं. यह जहाज अमेरिका के पश्चिमी तट के करीब आकर ड्रोन से हमला कर सकता है. ऐसे हमलों में शाहेद-136 जैसे ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें अचानक हमला करने के लिए जाना जाता है. हालांकि ऐसा करना आसान नहीं होगा, क्योंकि अमेरिकी नौसेना की निगरानी से बचकर जहाज का इतनी दूर तक आना बड़ी चुनौती होगी. साथ ही अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम भी ऐसे ड्रोन को रोक देंगे.
- मेक्सिको सीमा से हमला: एक दूसरी संभावना यह भी बताई जा रही है कि ईरान मेक्सिको सीमा या दक्षिण अमेरिका के जरिए ड्रोन हमले की कोशिश कर सकता है. माना जाता है कि इन इलाकों में ईरान की कुछ मौजूदगी है. मेक्सिको के ड्रग कार्टेल पहले से ही ड्रोन का इस्तेमाल करते रहे हैं. ऐसे में आशंका जताई जाती है कि ईरान इन नेटवर्क के जरिए हमलावर ड्रोन पहुंचा सकता है. कैलिफोर्निया मेक्सिको सीमा के पास है, इसलिए वहां से हमला करना तकनीकी रूप से संभव हो सकता है. मेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के पूर्व खुफिया प्रमुख जॉन कोहेन का कहना है कि ईरान की मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका में काफी मौजूदगी है. उनके मुताबिक ईरान के पास ड्रोन तकनीक भी है और युद्ध की स्थिति में हमला करने की वजह भी.
क्या अमेरिका के पड़ोस में ईरान का प्रभाव है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक 2005 के बाद से ईरान ने लैटिन अमेरिका में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की. पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के समय कई देशों में नए दूतावास खोले गए. इनमें बोलिविया, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, निकारागुआ और उरुग्वे शामिल हैं.
मेक्सिको में भी ईरानी राजनयिक वेनेजुएला और क्यूबा जैसे देशों के साथ मिलकर काम करते रहे हैं. हालांकि हाल के महीनों में क्षेत्रीय राजनीति बदलने से ईरान का प्रभाव कुछ कम होने की भी बात कही जा रही है. फिलहाल अमेरिकी सरकार का कहना है कि देश के अंदर ईरान की तरफ से किसी हमले का ठोस खतरा नहीं है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें


