Donald Trump NATO: अमेरिका और नाटो के बीच अब तलवार खींच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो से भयंकर गुस्सा हैं. वह बार-बार नाटो देशों को आड़े हाथ ले रहे हैं. जब भी मौका मिलता है, वह नाटो के सदस्य देशों को सुना दे रहे हैं. अबकी बार तो उन्होंने साफ-साफ इशारा कर दिया कि अब अमेरिका और नाटों की राहें अलग होने जा रही हैं. जी हां, डोनाल्ड ट्रंप की मानें तो अमेरिका अब नाटो से अलग होगा. डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका को नाटो (NATO) के लिए वहां होना जरूरी नहीं है. इन बातों से फिर से अमेरिकी प्रेसिडेंट के ट्रांसअटलांटिक अलायंस के सेंटर में आपसी रक्षा नियमों के प्रति कमिटमेंट पर सवाल उठे. इसका मतलब है कि बहुत जल्द अमेरिका और नाटों की राहें जुदा होने वाली हैं.
ट्रंप ने क्या ब्रेकिंग न्यूज दी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हम हमेशा उनके लिए वहां रहे हैं, लेकिन अब उनके व्यवहार को देखकर लगता है कि हमें वहां रहने की जरूरत नहीं है, है ना?’ उन्होंने कहा, ‘यह एक ब्रेकिंग स्टोरी जैसा लग रहा है? हां, सर. क्या यह ब्रेकिंग न्यूज है? मुझे लगता है कि हमारे पास ब्रेकिंग न्यूज है, लेकिन यही सच है. मैं यही कहता रहा हूं. हम उनके लिए क्यों रहें अगर वे हमारे लिए नहीं हैं? वे हमारे लिए नहीं थे.’
नाटो से अलग होगा अमेरिका?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का NATO के साथ रिश्ता हमेशा उतार-चढ़ाव वाला रहा है. उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि अमेरिका अब NATO के अनुच्छेद 5 का पालन करेगा या नहीं. इस नाटो के अनुच्छेद 5 में कहा गया है कि नाटो के एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा.
क्यों बिगड़े नाटो से ट्रंप के रिश्ते
साल 2024 में कैंपेन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उन यूरोपीय नाटो देशों पर हमला करने के लिए बढ़ावा दिया था, जो रक्षा पर अपना सही हिस्सा नहीं देते थे। हालांकि, 2025 के दौरान कई यूरोपीय नेताओं के साथ उनके रिश्ते बेहतर होते दिखे. लेकिन 2026 में वाशिंगटन-ब्रुसेल्स के रिश्ते फिर से खराब हो गए जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर हमला करने की अपनी धमकियां बढ़ा दीं, जो डेनमार्क का इलाका है.


