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सीएआईआर ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान को इस्लाम और उसके मानने वालों को बदनाम करने की साजिश बताया है. संगठन का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया दुनिया के लिए बड़ा खतरा है. इस भड़काऊ पोस्ट से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.
डोनाल्ड ट्रंप के बयान की अमेरिकी नेताओं न आलोचना की है. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन. नागरिक अधिकार समूह ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स’ (सीएआईआर) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को धमकी देने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट में अल्लाह का जिक्र करने के लिए ट्रंप की कड़ी आलोचना की. सीएआईआर ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इस्लाम का उपहास करना और ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी देना लापरवाह, खतरनाक और एक ऐसी मानसिकता का संकेत है जो मानव जीवन के प्रति उदासीनता और धार्मिक मान्यताओं के प्रति तिरस्कार दर्शाती है.”
अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी दी और कहा कि अगर मंगलवार तक वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज स्ट्रेट को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो देश ‘नर्क में धकेल दिया जाएगा’. उन्होंने अपने संदेश का अंत ‘अल्लाह से दुआ करो’ कहकर किया. सीएआईआर ने कहा, “हिंसक धमकियों के संदर्भ में अल्लाह का जिक्र करना धार्मिक शब्दों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है. साथ ही ये इस्लाम और उसके अनुयायियों को बदनाम करने का प्रयास भी है.”
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर कई अमेरिकी नेता नाराज
ईरान के खिलाफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कई अमेरिकी नेताओं ने उनकी आलोचना की है. रिपब्लिकन पार्टी की नेता एवं पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि राष्ट्रपति ‘पागल हो गए हैं’. ग्रीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ईस्टर की सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान पोस्ट किया.” उन्होंने कहा, “उनके प्रशासन में जो भी खुद को ईसाई बताता है, उसे घुटनों के बल बैठकर ईश्वर से माफी मांगनी चाहिए, राष्ट्रपति की पूजा करना बंद करना चाहिए और ट्रंप के इस पागलपन में हस्तक्षेप करना चाहिए.”
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एवं सांसद टिम केन ने ट्रंप प्रशासन की इस ‘बयानबाजी’ को ‘शर्मनाक और बचकाना’ करार दिया. सीनेट की सशस्त्र सेवा एवं विदेश संबंध समितियों के सदस्य केन ने एनबीसी न्यूज (नेशनल ब्रॉडकास्टिंग कंपनी न्यूज) से कहा, “व्हाइट हाउस कृपया ऐसी बयानबाजी कम करे. हालांकि, मुझे राष्ट्रपति से इसकी उम्मीद नहीं है. ऐसे बयान देकर पायलटों जैसे लोगों को और अधिक खतरे में डालने की जरूरत नहीं है.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


