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BCCL IPO: खुलने जा रहा है नए साल का पहला बड़ा IPO, कब से पैसा लगाने का मिलेगा मौका, कितना है प्राइस बैंड, जानिए

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Published On: March 17, 2026

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BCCL IPO: नए साल 2026 में आईपीओ निवेशकों के लिए एक अच्‍छी खबर आई है. कोयला क्षेत्र की एक दिग्गज सरकारी कंपनी अपना आईपीओ लेकर बाजार में उतर रही है. कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ जल्‍द ही बाजार में दस्‍तक देने वाला है. सार्वजनिक क्षेत्र की इस इकाई के सूचीबद्ध होने से ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी विनिवेश की प्रक्रिया को एक नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को खुल जाएगा. निवेशकों के पास इस इश्यू में बोली लगाने के लिए 13 जनवरी 2026 तक का समय होगा. हालांकि, बड़े और संस्थागत निवेशकों यानी एंकर इन्वेस्टर्स के लिए यह मौका एक दिन पहले यानी 8 जनवरी 2026 को ही उपलब्ध करा दिया जाएगा.

निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी इस आईपीओ का प्राइस बैंड है, जिसे कंपनी ने 21 रुपये से 23 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के बीच तय किया है. एक सरकारी उपक्रम होने के नाते इसकी कीमत को काफी किफायती और आकर्षक रखा गया है ताकि छोटे निवेशकों की पहुंच आसान हो सके.

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है, जबकि 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के खाते में जाएगा. रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35% हिस्सा आरक्षित किया गया है. साथ ही कोल इंडिया के शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए विशेष कोटे का प्रावधान भी है.

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भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) आईपीओ के एक लॉट में 600 शेयर है. किसी भी निवेशक को कम से कम एक लॉट यानी 600 शेयरों के लिए अनिवार्य रूप से बोली लगानी होगी. यदि हम अपर प्राइस बैंड यानी 23 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से गणना करें, तो एक लॉट के लिए निवेशकों को कम से कम 13,800 रुपये खर्च करने होंगे.

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, BCCL का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी OFS मॉडल पर आधारित रहने वाला है. इस प्रक्रिया के तहत मूल कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अपनी सहायक कंपनी में से कुल 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगी. चूंकि यह पूरी तरह ओएफएस है, इसलिए इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि सीधे प्रमोटर यानी कोल इंडिया के पास जाएगी और कंपनी के पास कोई नई पूंजी नहीं आएगी.

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड मुख्य रूप से कोकिंग कोल का उत्पादन करती है. कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली इस सहायक कंपनी को शेयर बाजार में उतारने का निर्णय काफी समय से चर्चा में था. अब इसकी लिस्टिंग से न केवल कंपनी की मार्केट वैल्यू का सही आकलन होगा, बल्कि इसकी परिचालन पारदर्शिता में भी काफी सुधार आने की संभावना है.

यह आईपीओ भारत सरकार के उस बड़े विनिवेश अभियान का एक अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी कम करना और उनकी वैल्यू अनलॉकिंग करना है. कोयला मंत्रालय इस कदम के जरिए कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों को स्वतंत्र रूप से बाजार में स्थापित करना चाहता है.

सरकारी शेयरों में निवेश लंबी अवधि के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन बाजार जोखिम हमेशा बने रहते हैं. बीसीसीएल का आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब ऊर्जा की मांग चरम पर है और कोकिंग कोल की आपूर्ति स्टील सेक्टर के लिए बेहद जरूरी है. ऐसे में 13 जनवरी को इश्यू बंद होने के बाद निवेशकों को इसके अलॉटमेंट और लिस्टिंग गेन का बेसब्री से इंतजार रहेगा.

(Disclaimer: IPO में किया गया निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. यदि आप आईपीओ में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

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