विंढमगंज में धूमधाम से मनाया गया छठ पर्व, हजारों व्रतियों ने दिया उगते सूर्य को अर्घ्य
विंढमगंज, सोनभद्र।
लोक आस्था का महापर्व छठ विंढमगंज में इस वर्ष भी बड़े ही भव्य, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विंढमगंज के प्रमुख छठ घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिलाएं और पुरुष उपस्थित हुए। झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से व्रत करने वाली महिलाएं अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ यहां पहुंचीं और परंपरागत विधि-विधान से भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया।
छठ व्रत के चौथे दिन यानी उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने का दृश्य विंढमगंज घाट पर अत्यंत मनमोहक और भक्तिमय रहा। व्रतियों ने सुबह-सुबह पवित्र सतत वाहिनी नदी के जल में खड़े होकर सूर्य देव से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना की। सूर्य की पहली किरण जैसे ही जल पर पड़ी, पूरा घाट “छठ माई के जयकारों” से गूंज उठा। ढोल, नगाड़ों और पारंपरिक गीतों की धुन पर भक्तिमय वातावरण बन गया।

स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं और प्रशासन की ओर से छठ व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सन क्लब सोसायटी के संगठनों द्वारा घाटों की सफाई, रोशनी, पानी और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बैठने तथा कपड़े बदलने की भी सुविधा दी गई। पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों ने मिलकर पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
छठ पर्व की पवित्रता और अनुशासन के कारण इस अवसर पर विंढमगंज में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संदेश देखने को मिला। आस-पास के गांवों के लोग भी इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। हर चेहरे पर भक्ति और उल्लास झलक रहा था।
विंढमगंज का छठ घाट अब क्षेत्र का एक प्रमुख आस्था स्थल बन चुका है, जहां हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार भी श्रद्धा और भक्ति का माहौल इतना प्रभावशाली था कि लोगों ने कहा छठ माई की कृपा से विंढमगंज में हर वर्ष आस्था का यह सागर उमड़ता है।


