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‘भारत शक्तिशाली है’, मिलिट्री पावर के मुरीद हुए ट्रंप के मंत्री, इशारों में ही चीन को भी समझा दिया

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Published On: July 1, 2026

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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को भारत को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बताया है. इसके सैन्य आधुनिकीकरण के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि एक मजबूत भारत इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन बनाए रखने में मदद करता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से ट्रम्प के सहयोगी ने कहा कि भारत शक्तिशाली है. अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है. यह उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को बनाए रखने के लिए एक भारी औद्योगिक और क्षमता का निर्माण कर रहा है.

भारत को कहा शक्तिशाली

हेगसेथ ने कहा, “दक्षिण एशिया में स्थिति को संभालने के लिए भारत एक अहम आधार है. अपनी खुद की भलाई के लिए काम करने वाला एक शक्तिशाली भारत पूरे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के हमारे साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाता है.”

हेगसेथ ने कहा कि क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ सह-उत्पादन को आगे बढ़ाने के लिए भी समर्पण दिखाया है. उन्होंने आगे जोड़ा कि अमेरिका अपने रक्षा क्षेत्र का राष्ट्रीय विनिर्माण वैश्वीकरण कर रहा है.

सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग में बोलते हुए, हेगसेथ ने कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. इससे वो अपने रक्षा-औद्योगिक आधार का विस्तार करके क्षेत्रीय सुरक्षा में लगातार अहम भूमिका निभा रहा है.

सैन्य क्षमताएं मजबूत कर रहा भारत: हेगसेथ

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारत सुरक्षा के बोझ का एक बड़ा हिस्सा उठाने के लिए अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है. खास रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में कर रहा है. उन्होंने भारत की बढ़ती क्षमताओं के बारे में भी करते हुए कहा कि देश अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रही थी. उच्च बड़े सैन्य अभियानों का समर्थन करने के लिए अपने औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही थी.

हेगसेथ ने अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की ओर इशारा किया. इसमें जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन्स जैसी उन्नत सैन्य सिस्टम के लिए सह-उत्पादन पहलों को आगे बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं.

हेगसेथ ने जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा संबंधी संबंधों का भी आकलन किया. पूरे क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे परिणामी रणनीतिक क्षेत्र बना हुआ है. उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों व भागीदारों से अपनी खुद की रक्षा क्षमताओं में अधिक भारी निवेश करने का आग्रह किया.

इशारों में दिया चीन को संकेत

उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि किसी भी देश को ऐसा दबदबा बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जो अन्य देशों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करे. चीन के सैन्य विस्तार पर बढ़ती चिंताओं का जिक्र करते हुए, हेगसेथ ने कहा कि क्षेत्र में बीजिंग के सैन्य निर्माण और गतिविधियों पर “जायज अलार्म” था.

एशिया के अग्रणी सुरक्षा मंचों में से एक शांग्री-ला डायलॉग ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए इस साल 44 देशों के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों सैन्य नेताओं और नीति निर्माताओं को एक साथ लाया है.

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