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25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लगी थी, जिसकी वजह से आज के दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद किया जाता है. एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने ‘संविधान हत्या दिवस’ पर अनूठा बयान दिया है. उन्होंने फिल्म ‘इमरजेंसी’ के एक बीटीएस वीडियो के साथ दिए कैप्शन में उस दौर को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया. फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. इसमें कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है.
कंगना रनौत ने फिल्म ‘इमरजेंसी’ का बीटीएस वीडियो शेयर किया है.
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में 25 जून एक काले अध्याय की तरह है, क्योंकि इसी दिन 1975 में देश में इमरजेंसी लागू हुई थी. इसे आज ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद किया जाता है. इमरजेंसी के उस काले दौर को सिनेमा के जरिये भी बयां किया है, जिसमें सबसे ताजा उदाहरण कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ है. इसमें कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रोल निभाया है. अब एक्ट्रेस और भाजपा सांसद ने खास मौके पर फिल्म ‘इमरजेंसी’ से जुड़ा वीडियो शेयर किया है. वीडियो में फिल्म की मेकिंग, शूटिंग की तैयारियों और कुछ दमदार सीन्स की झलक दिखाई गई है. साथ ही, कंगना रनौत ने एक लंबा-चौड़ा कैप्शन लिखकर उस दौर की कड़वी यादों को ताजा किया और उन लोगों को याद किया जिन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी थी.
कंगना रनौत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इमरजेंसी हमारे देश के संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला थी. उस दौरान आम जनता के अधिकार छीन लिए गए थे, बोलने की आजादी पर ताला लगा दिया गया था और नेताओं, पत्रकारों और समाजसेवियों को जेल में डाल दिया गया था. कंगना रनौत ने आगे कहा कि इस गंभीर विषय पर फिल्म बनाना, उसका निर्देशन करना और उसमें खुद काम करना उनके लिए एक बेहद अलग और अनोखा अनुभव रहा. उन्होंने अपने फैंस से अपील भी की कि वे इस ऐतिहासिक घटना को गहराई से समझने के लिए उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर जरूर देखें.
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