विंढमगंज/सोनभद्र। उत्तर प्रदेश ड्राइवर महासंगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर प्रदेश के ड्राइवरों की विभिन्न समस्याओं और सुरक्षा संबंधी मांगों को उठाया। संगठन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य घटनाओं के दौरान ड्राइवरों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आती हैं, जिससे चालक वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस करता है।

ज्ञापन में ड्राइवरों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाने, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सुरक्षित पार्किंग, ड्राइवर विश्राम गृह और सुलभ शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की गई। इसके अलावा 55 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले ड्राइवरों को पेंशन योजना का लाभ देने, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की भी मांग की गई।

संगठन ने ड्राइवरों के बच्चों की उच्च शिक्षा निःशुल्क कराने, ड्राइवरों को किसान की तरह ऋण सुविधा देने, सड़क पर अनावश्यक उत्पीड़न रोकने तथा भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क कम करने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में 1 दिसंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने और प्रदेश में ड्राइवरों के लिए अधिक रोजगार सृजित करने की मांग शामिल है।संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ड्राइवर समाज की इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे लाखों चालक परिवारों को सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन मिल सके।













