कृषि सलाहकार सुनील पटेल ने कहा कि अब किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मल्टी क्रॉपिंग और मल्टी लेयर फार्मिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपना रहे है. इस तकनीक में अलग-अलग ऊंचाई और प्रकृति वाली फसलों को एक साथ लगाया जाता है, जिससे खेत का कोई हिस्सा खाली नहीं रहता और हर स्तर से उत्पादन प्राप्त होता है. खेत की निचली परत में हल्दी, अदरक, लहसुन या आलू जैसी जड़ वाली फसलें लगाई जाती हैं. जमीन की सतह पर धनिया और पालक जैसी पत्तेदार फसलें उगाई जाती हैं
कृषि सलाहकार सुनील पटेल ने कहा कि अब किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मल्टी क्रॉपिंग और मल्टी लेयर फार्मिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपना रहे है. इस तकनीक में अलग-अलग ऊंचाई और प्रकृति वाली फसलों को एक साथ लगाया जाता है, जिससे खेत का कोई हिस्सा खाली नहीं रहता और हर स्तर से उत्पादन प्राप्त होता है. खेत की निचली परत में हल्दी, अदरक, लहसुन या आलू जैसी जड़ वाली फसलें लगाई जाती हैं. जमीन की सतह पर धनिया और पालक जैसी पत्तेदार फसलें उगाई जाती हैं









