Agra history: मुगलिया दरबार में सलाबत खां को मीर बक्शी यानि कि कोषाध्यक्ष का पद मिला हुआ था. इसके अतिरिक्त उन्हें मुग़ल दरबार में 4000 का मनसब भी प्राप्त था. सलाबत खां अपने फैसले लेने में सक्षम था. सलावत खां ने अमर सिंह राठौड़ के खिलाफ खुले दरबार में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था. जिस पर अमर सिंह राठौर काफी क्रोधित हो गए. क्रोध में उन्होंने अपनी कतार से सलाबत खां की भरे दरबार में हत्या कर दी थी. वर्तमान में आगरा के अशोपा हॉस्पिटल के पास सलाबत खां का मकबरा बना हुआ है. जहाँ उनकी और उनके पिता सादिक खां की कब्र बनी हुई है.
Agra history: मुगलिया दरबार में सलाबत खां को मीर बक्शी यानि कि कोषाध्यक्ष का पद मिला हुआ था. इसके अतिरिक्त उन्हें मुग़ल दरबार में 4000 का मनसब भी प्राप्त था. सलाबत खां अपने फैसले लेने में सक्षम था. सलावत खां ने अमर सिंह राठौड़ के खिलाफ खुले दरबार में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था. जिस पर अमर सिंह राठौर काफी क्रोधित हो गए. क्रोध में उन्होंने अपनी कतार से सलाबत खां की भरे दरबार में हत्या कर दी थी. वर्तमान में आगरा के अशोपा हॉस्पिटल के पास सलाबत खां का मकबरा बना हुआ है. जहाँ उनकी और उनके पिता सादिक खां की कब्र बनी हुई है.









