कुर्सी चली गई, लेकिन सिद्दारमैया ने जाते-जाते यह एहसास करा दिया कि राजनीति में असली ताकत सिर्फ पद नहीं, बल्कि अपना वजूद होता है. और उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका वजूद अभी बाकी है. यानी टाइगर अभी जिंदा है.
कुर्सी चली गई, लेकिन सिद्दारमैया ने जाते-जाते यह एहसास करा दिया कि राजनीति में असली ताकत सिर्फ पद नहीं, बल्कि अपना वजूद होता है. और उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका वजूद अभी बाकी है. यानी टाइगर अभी जिंदा है.









