रांची की अलका और माधुरी ‘द ट्राइबल फूड’ के जरिए पारंपरिक स्वाद परोस रही हैं. इनके आउटलेट पर धुस्का, छिलका रोटी और दुम्बू जैसे व्यंजनों के लिए वीआईपी गाड़ियों की कतार लगती है. शुद्धता और घर के मसालों के दम पर ये बहनें प्रतिदिन ₹6000 तक कमाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं.
रांची की अलका और माधुरी ‘द ट्राइबल फूड’ के जरिए पारंपरिक स्वाद परोस रही हैं. इनके आउटलेट पर धुस्का, छिलका रोटी और दुम्बू जैसे व्यंजनों के लिए वीआईपी गाड़ियों की कतार लगती है. शुद्धता और घर के मसालों के दम पर ये बहनें प्रतिदिन ₹6000 तक कमाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं.













