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आदिवासियों का आर्किटेक्ट! न एसी, न कूलर पर ऐसा कंस्ट्रक्शन की जलती गर्मी में भी ठंडे रहते हैं झारखंड के ये घर

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Published On: May 7, 2026

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गांव-देहात के लोग या आदिवासी लोग आज भी नहीं जानते कि आर्किटेक्चर क्या होता है, घर की डिजाइनिंग कैसे की जाती है पर अपने सामान्य ज्ञान और खुद के विज्ञान से वे ऐसे घर तैयार करते हैं जो शहरी घरों से कहीं अधिक ठंडे रहते हैं. आजकल की तपिश में जब कूलर-पंखे में भी चैन नहीं पड़ता, ऐसे में भी झारखंड के ये खास तकनीक और सामान से बने घर, अंदर से ठंडे रहते हैं. बाहर के तापमान से घर के अंदर का तापमान 4-5 डिग्री तक कम होता है. ये सीमेंट, मौंरग, जैसा सामान नहीं बल्कि लाल ईंट, मिट्टी, गोबर, पुआल, टाली जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल करते हैं. इनका घर बनाने का यह खास तरीका आज भी शहर के आर्किटेक्चर को चैलेंज करता है. 

​गांव-देहात के लोग या आदिवासी लोग आज भी नहीं जानते कि आर्किटेक्चर क्या होता है, घर की डिजाइनिंग कैसे की जाती है पर अपने सामान्य ज्ञान और खुद के विज्ञान से वे ऐसे घर तैयार करते हैं जो शहरी घरों से कहीं अधिक ठंडे रहते हैं. आजकल की तपिश में जब कूलर-पंखे में भी चैन नहीं पड़ता, ऐसे में भी झारखंड के ये खास तकनीक और सामान से बने घर, अंदर से ठंडे रहते हैं. बाहर के तापमान से घर के अंदर का तापमान 4-5 डिग्री तक कम होता है. ये सीमेंट, मौंरग, जैसा सामान नहीं बल्कि लाल ईंट, मिट्टी, गोबर, पुआल, टाली जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल करते हैं. इनका घर बनाने का यह खास तरीका आज भी शहर के आर्किटेक्चर को चैलेंज करता है.   

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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