संजय कपूर एक ऐसे एक्टर हैं, जिनका करियर बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प चैप्टर्स में से एक है. कपूर खानदान की लेगेसी के बावजूद, उनका सफर आसान नहीं था. उनकी पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, तो दूसरी ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. लेकिन, इतिहास बताता है कि कभी-कभी एक गलत फैसला या रिजेक्ट की गई फिल्म करियर को पूरी तरह बदल सकती है. अगर संजय कपूर ने 2003 में वह हिस्टोरिक गलती न की होती और ‘तेरे नाम’ जैसी फिल्म रिजेक्ट न की होती, तो आज बॉलीवुड में सफलता का बेंचमार्क कुछ और होता.संजय कपूर एक ऐसे एक्टर हैं, जिनका करियर बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प चैप्टर्स में से एक है. कपूर खानदान की लेगेसी के बावजूद, उनका सफर आसान नहीं था. उनकी पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, तो दूसरी ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. लेकिन, इतिहास बताता है कि कभी-कभी एक गलत फैसला या रिजेक्ट की गई फिल्म करियर को पूरी तरह बदल सकती है. अगर संजय कपूर ने 2003 में वह हिस्टोरिक गलती न की होती और ‘तेरे नाम’ जैसी फिल्म रिजेक्ट न की होती, तो आज बॉलीवुड में सफलता का बेंचमार्क कुछ और होता.
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पहली ही फिल्म हुई फ्लॉप, लेकिन दूसरी से रच डाला इतिहास, 2003 में न की होती इतनी बड़ी गलती तो आज होता सुपरस्टार


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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More









