

सोनभद्र/ओबरा।तहसील के अंतर्गत गजराज नगर से डाला जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अत्यंत दयनीय स्थिति में है। रेलवे क्रॉसिंग के समीप निर्माणाधीन नाली के कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी और मलबे को सड़क पर ही छोड़ देने के कारण राहगीरों का सफर जानलेवा बन गया है। बरसात के बाद जलभराव की समस्या ने इस मार्ग को दुर्घटनाओं का केंद्र बना दिया है।मामला केवल सड़क की बदहाली का नहीं, बल्कि इसमें बरती जा रही गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का है। ज्ञात हो कि इस मुख्य मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य हेतु 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इतनी बड़ी धनराशि आवंटन के बावजूद धरातल पर निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता के बीच आक्रोश व्याप्त है।इस सड़क से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, कामकाजी लोग, और भारी वाहन गुजरते हैं। रेलवे क्रॉसिंग के पास जमा मलबा और जलभराव के कारण यहां अक्सर बड़े वाहनों के फंसने और छोटे वाहनों के पलटने का डर बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सरकारी बजट होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का अभाव है और संबंधित ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रखा है।क्षेत्रीय जनता ने अब जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता है।अब देखना यह है कि प्रशासन विकास कार्यों में हो रही इस धांधली और ठेकेदार की मनमानी पर क्या कार्रवाई करता है।









