नई दिल्ली. फिल्म ‘जुबैदा’ का गीत ‘धीमे-धीमे’ अपनी मधुरता के लिए आज भी मशहूर है. गाने में एक इमोशनल टच है. एआर. रहमान के संगीत से सजा यह गीत सुनने वालों को एक अलग ही सुकूनभरी दुनिया में ले जाता है. इसकी धुन में नजाकत, प्रेम और स्त्री मन की कोमल भावनाओं का सुंदर मेल देखने को मिलता है. इस गाने को कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी आवाज दी थी.फिल्म में यह गाना ज़ुबैदा के भावनात्मक सफर और उसके भीतर पलते सपनों को खूबसूरती से उभारता है. इस गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं.नई दिल्ली. फिल्म ‘जुबैदा’ का गीत ‘धीमे-धीमे’ अपनी मधुरता के लिए आज भी मशहूर है. गाने में एक इमोशनल टच है. एआर. रहमान के संगीत से सजा यह गीत सुनने वालों को एक अलग ही सुकूनभरी दुनिया में ले जाता है. इसकी धुन में नजाकत, प्रेम और स्त्री मन की कोमल भावनाओं का सुंदर मेल देखने को मिलता है. इस गाने को कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी आवाज दी थी.फिल्म में यह गाना ज़ुबैदा के भावनात्मक सफर और उसके भीतर पलते सपनों को खूबसूरती से उभारता है. इस गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं.
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कविता कृष्णमूर्ति की आवाज, एआर रहमान का संगीत, 25 साल बाद भी कायम है गाने का जादू


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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More










