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Rubika Liyaquat Show: क्या एग्जिट पोल वही बता रहे हैं जो बंगाल के लोगों के मन में चल रहा है?

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Published On: April 30, 2026

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Rubika Liyaqaut Show: पश्चिम बंगाल की सियासत इस वक्त अपने सबसे हाई-वोल्टेज मोड़ पर पहुंच चुकी है. हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है क्या ममता बनर्जी का ‘दीदी गढ़’ बरकरार रहेगा या इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा? चुनाव के नतीजों से पहले माहौल इतना गर्म है कि एग्ज़िट पोल्स ने भी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है. कुछ सर्वे बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीएमसी के पक्ष में हल्का संतुलन बता रहे हैं. यानी तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है. सबसे बड़ी चर्चा वोटिंग पैटर्न और टर्नआउट को लेकर हो रही है. आंकड़ों के मुताबिक, लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटने के बावजूद मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई है. यही बात अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है कि अगर नाम कम हुए तो वोट ज्यादा कैसे पड़े? इसी बीच एसआईआर, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों ने भी चुनावी नैरेटिव को प्रभावित किया. हर पार्टी ने अपने-अपने तरीके से इन मुद्दों को जनता के सामने रखा, लेकिन असली फैसला वोटर्स के हाथ में रहा. चुनाव प्रचार के दौरान भी बंगाल का माहौल पूरी तरह नाटकीय रहा कभी मछली और झालमुड़ी पर बहस, तो कभी आरोप-प्रत्यारोप और वीडियो क्लिप्स ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. लेकिन असली सवाल अब भी वही है क्या एग्जिट पोल सही साबित होंगे? क्या बंगाल में सत्ता का समीकरण बदलने वाला है?

​Rubika Liyaqaut Show: पश्चिम बंगाल की सियासत इस वक्त अपने सबसे हाई-वोल्टेज मोड़ पर पहुंच चुकी है. हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है क्या ममता बनर्जी का ‘दीदी गढ़’ बरकरार रहेगा या इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा? चुनाव के नतीजों से पहले माहौल इतना गर्म है कि एग्ज़िट पोल्स ने भी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है. कुछ सर्वे बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीएमसी के पक्ष में हल्का संतुलन बता रहे हैं. यानी तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है. सबसे बड़ी चर्चा वोटिंग पैटर्न और टर्नआउट को लेकर हो रही है. आंकड़ों के मुताबिक, लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटने के बावजूद मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई है. यही बात अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है कि अगर नाम कम हुए तो वोट ज्यादा कैसे पड़े? इसी बीच एसआईआर, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों ने भी चुनावी नैरेटिव को प्रभावित किया. हर पार्टी ने अपने-अपने तरीके से इन मुद्दों को जनता के सामने रखा, लेकिन असली फैसला वोटर्स के हाथ में रहा. चुनाव प्रचार के दौरान भी बंगाल का माहौल पूरी तरह नाटकीय रहा कभी मछली और झालमुड़ी पर बहस, तो कभी आरोप-प्रत्यारोप और वीडियो क्लिप्स ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. लेकिन असली सवाल अब भी वही है क्या एग्जिट पोल सही साबित होंगे? क्या बंगाल में सत्ता का समीकरण बदलने वाला है?  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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