जमशेदपुर की जरूरतमंद बच्चों के लिए एक खास पहल कर रही हैं. उन्होंने एक छोटी लाइब्रेरी शुरू की है, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सीख भी दी जाती है. हर दिन शाम 5 से 8 बजे तक आसपास के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे यहां आते हैं. इस लाइब्रेरी की खास बात यह है कि यहां बच्चों को केवल पढ़ाया नहीं जाता, बल्कि उनके हुनर को भी निखारा जाता है.
जमशेदपुर की जरूरतमंद बच्चों के लिए एक खास पहल कर रही हैं. उन्होंने एक छोटी लाइब्रेरी शुरू की है, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सीख भी दी जाती है. हर दिन शाम 5 से 8 बजे तक आसपास के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे यहां आते हैं. इस लाइब्रेरी की खास बात यह है कि यहां बच्चों को केवल पढ़ाया नहीं जाता, बल्कि उनके हुनर को भी निखारा जाता है.













