—Advertisement—

प्राकृतिक खेती का सुपर फॉर्मूला: जीवामृत से बढ़ेगी पैदावार और मिट्टी की ताकत, जानिए बनाने का आसान तरीका

Author Picture
Published On: April 12, 2026

—Advertisement—

Agriculture News: प्राकृतिक खेती में ‘जीवामृत’ किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है. यह एक देसी जैविक घोल है, जिसे गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया जाता है. जीवामृत का उपयोग करने से मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है, जिससे उसकी उर्वरता मजबूत होती है और फसल उत्पादन में सुधार होता है. खास बात यह है कि इसे बहुत कम लागत में आसानी से तैयार किया जा सकता है, जिससे किसानों को महंगे रासायनिक खाद पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. जीवामृत न केवल फसलों की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसे नियमित रूप से उपयोग करने पर खेती अधिक टिकाऊ और लाभदायक बन सकती है. यह तकनीक छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.

​Agriculture News: प्राकृतिक खेती में ‘जीवामृत’ किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है. यह एक देसी जैविक घोल है, जिसे गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया जाता है. जीवामृत का उपयोग करने से मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है, जिससे उसकी उर्वरता मजबूत होती है और फसल उत्पादन में सुधार होता है. खास बात यह है कि इसे बहुत कम लागत में आसानी से तैयार किया जा सकता है, जिससे किसानों को महंगे रासायनिक खाद पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. जीवामृत न केवल फसलों की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसे नियमित रूप से उपयोग करने पर खेती अधिक टिकाऊ और लाभदायक बन सकती है. यह तकनीक छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

Related News
Home
Facebook
Telegram
X