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इस्लामाबाद में कैसी होगी जेडी वेंस की सिक्‍योरिटी, क्‍या पाकिस्‍तान के आमसान में रहेगा कर्फ्यू? मुनीर की आर्मी पर अमेरिका को कितना भरोसा?

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Published On: April 10, 2026

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अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्‍तान की यात्रा पर जा रहे हैं. ‘आतंकिस्‍तान’ के नाम से कुख्‍यात देश में उनकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है. ऐसे में, पाकिस्‍तान में उनकी सुरक्षा कैसी होगी और अमेरिकी सीक्रेट एजेंसी को मुनीर की सेना में कितना भरोसा है, जानने के लिए पढ़ें आगे…

पाक में कैसी होगी JD वेंस की सिक्‍योरिटी, मुनीर की आर्मी पर US को कितना भरोसा?Zoom

पाकिस्‍तान में उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस की सुरक्षा अमेरिकी एजेंसीज के लिए चुनौती बनी हुई है.

JD Vance Pakistan Visit: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान शांति वार्ता के सिलसिले में पाकिस्तान पहुंचने वाले हें. चूंकि पाकिस्‍तान लंबे समय से टेरर नेटवर्क, जिहादी ग्रुप्स, और प्रॉक्सी वॉर से जुड़ा रहा है, लिहाजा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी इस यात्रा को हाई-थ्रेट सिक्योरिटी ऑपरेशन की तरह देख रही हैं. ऐसे में, ‘आतंकिस्‍तान’ की यात्रा के दौरान अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस की सुरक्षा व्‍यवस्‍था कैसी होगी, इसको लेकर पूरी दुनिया का निगाह अब इस्‍लामाबाद पर टिकी हुई हैं.

यहां आपको बता दें कि इस डर से अमेरिका की सिक्‍योरिटी एजेंसी भी अछूती नहीं होंगी. शायद यही वजह है कि अमेरिकी सिक्‍योरिटी एजेंसीज ने उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्‍तान यात्रा को लेकर कई दिन पहले से अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. इन तैयारियों में सबसे अहम पहले स्ट्रैटेजिक थ्रेट असेसमेंट है. इस प्रक्रिया के तहत अमेरिका की सीक्रेट सर्विस, सीआईए और स्‍टेट डिपार्टमेंट ने पाकिस्तानी टेरर ग्रुप्स, सोशल मीडिया पर चल रही अमेरिका विरोधी गतिविधियों और संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर इनपुट जुटाना शुरू कर दिया है.

पाकिस्‍तान पहुंचने से पहले अमेरिकी सिक्‍योरिटी एजेंसी की तैयारी

  1. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की एडवांस सिक्योरिटी टीम कई दिनों पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुकी है. इस सिक्‍योरिटी टीम में सीक्रेट सर्विस, डिप्‍लोमेटिक सिक्‍योरिटी सर्विस और टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं. इस टीम का काम एयरपोर्ट, होटल, एंबेसी का सर्वे करना है. ये टीम्‍स एयरपोर्ट, होटल और एंबेसी की छतों, बेसमेंट, पार्किंग, किचन और सर्विस एरिया को अच्‍छी तरह से चेक करने के बाद अपने कब्‍जे में ले लेंगी.
  2. इसके साथ यह टीम उन रूट्स की मैपिंग करेगी, जिन रास्‍तों से अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति गुजरने वाले हैं. साथ ही, आपात स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटल और इमरजेंसी पॉइंट्स की भी पहचान की जाएगी. अमेरिका की एडवांस सिक्योरिटी टीम सिक्‍योरिटी सर्किल, उसमें तैनात होने वाले अधिकारी, इमरजेंसी प्‍लान को लेकर आईएसआई, पाकिस्‍तान आर्मी और इस्‍लामाबाद पुलिस के साथ मीटिंग करेंगी.
  3. जेडी वेंस के आने से पहले सभी संभावित रूट्स पर ड्राई रन किया जाएगा. इसका मतलब है कि बिना वीआईपी के पूरा काफिला निकालकर हर सेकंड की टाइमिंग चेक की जाएगी. इस दौरान यह देखा जाता है कि कहां ट्रैफिक रुक सकता है, कहां स्नाइपर खतरा हो सकता है और कहां आईईडी प्लांट किया जा सकता है. इसके साथ ही 2–3 वैकल्पिक रूट भी तैयार किए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर रास्ता बदला जा सके.
  4. एडवांस सिक्योरिटी टीम यह भी तय करेगी कि दौरे के दौरान कहां-कहां नो-फ्लाई जोन होगा. इस दौरान, फ्लाइट्स के साथ ड्रोन उड़ाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. साथ ही, इस्‍लामाबाद एयरपोर्ट का एटीसी आर्मी के कंट्रोल में रहेगा. Air Force Two एयरफोर्स-2 की लैंडिंग से पहले एयरपोर्ट को तुरंत स्टरल जोन में बदल दिया जाएगा. इसका मतलब है कि वहां सिर्फ ऑथराइज्ड सिक्‍योरिटी पर्सनल को ही मूवमेंट एरिया में रहने दिया जाएगा.
  5. रनवे, टैक्सीवे और आसपास के इलाकों को बम निरोधक दस्ते, स्निफर डॉग्स और इलेक्ट्रॉनिक स्कैनर्स से चेक किया जाएगा. साथ्‍ज्ञ ही, स्नाइपर टीमें आसपास की ऊंची इमारतों पर तैनात की जाएंगी. एयरपोर्ट पर अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति के काफिले में शामिल व्हीकल्स को प्‍लेस किया जाएगा. इस काफिले में आर्मर्ड लिमोजीन, कई शेवरले सबअर्बन सिक्योरिटी एसयूवी, इलेक्ट्रॉनिक जैमर व्हीकल्स, कम्युनिकेशन वैन, मेडिकल रिस्पॉन्स व्हीकल, डिकॉय कार और सर्विलांस सिस्टम शामिल होते हैं.
  6. वेंस की सुरक्षा तीन परतों में होगी. सबसे अंदर इनर रिंग में यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट होंगे, जो उपराष्ट्रपति के सबसे करीब रहते हैं. मिडिल रिंग में किसी भी खतरे पर तुरंत कार्रवाई करने वाली टैक्टिकल रिस्पॉन्स टीम्स होगी. आउटर रिंग में पाकिस्तान आर्मी और पुलिस के अधिकारी रहेंगे. जहां-जहां वेंस का काफिला गुजरेगा है, वहां के इलाकों को रेड जोन घोषित कर दिया जाएगा. इन इलाकों में आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी.
  7. जेडी वेंस जिस होटल में रुकेंगे, उसे डिप्‍लोमेटिक जोन घोषित कर पूरी तरह एक मिनी मिलिट्री बेस में तब्‍दील कर दिया जाएगा. वहां बायोमैट्रिक एक्‍सेस कंट्रोल होगा और सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी. हर कमरे, हर फ्लोर और हर एंट्री पॉइंट पर सुरक्षा तैनात रहेगी. यहां तक कि खाने को भी पहले टेस्ट किया जाएगा, ताकि किसी तरह के जहर का खतरा ना हो.

पाकिस्‍तान में अमेरिकी उपरार्ष्‍टपति को किससे है सबसे अधिक खतरा?
एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हमेशा से हाई-रिस्क डिप्लोमैटिक एनवायरनमेंट के तौर पर देखती रही हैं. यहां कई ऐसे आतंकी संगठन सक्रिय रहे हैं, जिनका नाम अंतरराष्ट्रीय आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है. इसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) की गिनती सबसे ऊपर की जाती है. ये आतंकी संगठन अनप्रेडिक्टेबल और हाई-इम्पैक्ट अटैक करने के लिए जाने जाते हैं. वहीं, ईरान पर अमेरिका के हमले से बहुत से पाकिस्‍तानी संगठन नाराज हैं, वे भी जेडी वेंस की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं.

अमेरिका को पाकिस्तान की एजेंसियों पर कितना भरोसा है?
एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियां पाकिस्तान की आईएसआई सहित अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम तो करती हैं, लेकिन आंख बंद करके भरोसा नहीं करतीं. इसे भरोसा करो, लेकिन जांच के साथ (Trust but Verify) मॉडल कहा जाता है.ऐसे में हर इंटेलिजेंस इनपुट को अमेरिकी एजेंसियां खुद क्रॉस-चेक करेगी. सिक्योरिटी का सबसे अंदरूनी घेरा यानी इनर रिंग पूरी तरह से यूएस सीक्रेट सर्विस के हाथ में होगा, जबकि पाकिस्तान की एजेंसियां सिर्फ बाहरी सुरक्षा संभालेंगी. पूरे सिक्‍योरिटी सिस्‍टम पर अमेरिका अपना पूरा कंट्रोल बनाए रखेगा.

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अपने साथ कितने इमरजेंसी प्‍लान लेकर चलती हैं.
एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, हर स्थिति के लिए पहले से तीन प्लान तैयार रहते हैं. प्‍लान एक के तहत नार्मल विजिट, प्‍लान बी में थ्रेट अडजेस्‍टमेंट और प्‍लान सी में इमरजेंसी एग्जिट का प्‍लान तैयार किया जाता है. अगर किसी भी स्तर पर खतरा बढ़ता है, तो तुरंत प्लान बदल दिया जाता है. सबसे खराब स्थिति में प्रोटेक्‍टी को तुरंत हेलीकॉप्टर या एयरक्राफ्ट के जरिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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