Melania Trump Blasts on Epstein Files: ईरान युद्ध में सीजफायर होते ही एपस्टीन फाइल्स का जिन्न फिर बाहर निकल आया है और उसे बाहर निकाला है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीवी मेलानिया ट्रंप ने. अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ने एपस्टीन फाइल्स पर धमाकेदार खुलासा किया है. जिससे व्हाइट हाउस में खलबली मच गई है. जेफरी एपस्टीन से जुड़ी अफवाहों पर हमला बोलते हुए मिसेज ट्रंप ने पीड़ितों की सुनवाई की मांग कर डाली है. इससे डोनाल्ड ट्रंप की घर में मुसीबतें बढ़ सकती है.
ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने 9 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस से अचानक एक सनसनीखेज बयान जारी किया. उन्होंने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी सभी झूठी खबरों और अफवाहों को साफ तौर पर खारिज कर दिया. एपस्टीन एक दोषी यौन अपराधी था, जिसकी मौत हो चुकी है. मेलानिया ने कहा कि ये अफवाहें उनके नाम को बदनाम करने की कोशिश हैं और इन्हें अब तुरंत रोकना चाहिए.
मेलानिया ने साफ शब्दों में कहा, ‘जेफरी एपस्टीन से मेरे नाम को जोड़ने वाली झूठी बातें आज ही खत्म होनी चाहिए. मैं एपस्टीन की दोस्त कभी नहीं रही. डोनाल्ड और मैं कभी-कभी उसी पार्टी में जाते थे जहां एपस्टीन भी होता था, क्योंकि न्यूयॉर्क और पाम बीच के सोशल सर्कल में ऐसा आम है. लेकिन मैंने एपस्टीन या उसकी साथी घिस्लेन मैक्सवेल के साथ कभी कोई रिश्ता नहीं रखा.’
मेलानिया ने आगे कहा कि वे एपस्टीन के अपराधों के बारे में कभी कुछ नहीं जानती थीं. ‘मैं कभी उसकी शिकार नहीं रही. मैं उसके विमान पर कभी नहीं चढ़ी और न ही उसके निजी द्वीप पर गई. मैं उसके किसी भी काम में शामिल नहीं थी.’
पीड़ितों के लिए कर डाली कांग्रेस की सुनवाई की मांग
मेलानिया ने एपस्टीन से जुड़े होने के आरोपों को ही खारिज नहीं किया बल्कि इसे मामले में एक्शन की भी मांग भी कर डाली. उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि एपस्टीन के पीड़ित महिलाओं को सार्वजनिक सुनवाई का मौका दिया जाए. उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस से कहती हूं कि इन महिलाओं को शपथ लेकर अपनी कहानी बताने का मौका दें. हर महिला को, अगर वह चाहे, अपनी बात सार्वजनिक रूप से कहने का अधिकार मिलना चाहिए. उनकी गवाही को कांग्रेस के रिकॉर्ड में हमेशा के लिए दर्ज किया जाना चाहिए.’
यह बयान इसलिए भी खास है कि ईरान युद्ध के चलते एपस्टीन का मुद्दा काफी पीछे छूट गया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की टीम भी इस मामले को दबाने की कोशिश में जुटी थी. वे बार-बार कह रहे थे कि देश अब आगे बढ़ना चाहता है. लेकिन मेलानिया का इस समय पर आया यह बयान व्हाइट हाउस की योजना के ठीक उल्टा है और इसने एक बार फिर एपस्टीन के मुद्दे को चिंगारी दे दी है.
ट्रंप को पहले से पता था या नहीं?
एक सूत्र के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पत्नी के बयान की जानकारी थी लेकिन बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी पहले से कोई जानकारी नहीं थी. व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारी इस बयान के समय से हैरान थे. कुछ का कहना था कि कहानी पहले ही शांत हो रही थी, इसे फिर से उठाने से सिर्फ नुकसान होगा. लेकिन मेलानिया के करीबी लोगों ने बताया कि वे ऑनलाइन चल रही अफवाहों से काफी परेशान थीं. वे इस मुद्दे पर रिकॉर्ड पर साफ-साफ इनकार करना चाहती थीं.
मेलानिया की टीम ने बताया कि वे राजनीति से दूर हैं. वे सिर्फ उन झूठी खबरों को रोकना चाहती हैं जो उनके कामों पर ध्यान नहीं जाने दे रही थीं. उनकी सीनियर एडवाइजर ने कहा, ‘काफी हो गया. झूठ अब बंद होना चाहिए. अब लोगों और मीडिया को उनकी फर्स्ट लेडी के रूप में किए गए शानदार कामों पर फोकस करना चाहिए.’
पुरानी ईमेल और रिश्ते की बात
2022 की एक ईमेल का जिक्र भी हुआ, जिसमें मेलानिया ने घिस्लेन मैक्सवेल को “Love, Melania” लिखकर जवाब दिया था. मेलानिया ने इसे सिर्फ “सामान्य और शिष्टाचार वाली ईमेल” बताया. उन्होंने कहा कि यह कोई गहरा रिश्ता नहीं था, बल्कि एक मामूली जवाब था.
इस खुलासे का समय है खतरनाक
इस खुलासे का समय इसे और खतरनाक बना रहा है क्योंकि यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में शांति लाने की कोशिशें चल रही हैं और एपस्टीन फाइल्स की चर्चा पहले ही कम हो गई थी, लेकिन मेलानिया के बयान ने फिर से इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है.
कांग्रेस में दोनों पार्टियों के कुछ सदस्यों ने इसका स्वागत किया. हाउस ओवरसाइट कमिटी के डेमोक्रेट सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि वे फर्स्ट लेडी की मांग से सहमत हैं और तुरंत सुनवाई होनी चाहिए. रिपब्लिकन सदस्य टिम बर्चेट ने भी कहा कि वे फर्स्ट लेडी के साथ इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर काम करने के लिए तैयार हैं.
हालांकि, कुछ पीड़ितों के समर्थक और परिवारों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी. एक समूह ने कहा कि पीड़ितों पर बोझ डालना जिम्मेदारी से भागना है. उन्हें लगता है कि न्याय विभाग और सरकार को अभी भी पूरी फाइलें जारी करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए.
मेलानिया अब तक थीं चुप
इससे पहले मेलानिया ने इस मुद्दे पर कभी सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा था. उन्होंने पहले भी कुछ मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों पर मुकदमा किया था और उनसे माफी मंगवाई थी. वे अपने दूसरे कार्यकाल में काफी कम सार्वजनिक रूप से दिखती हैं. उनका फोकस बच्चों के लिए जिम्मेदार AI इस्तेमाल, रूस से अपहृत बच्चों की वापसी और डीपफेक व रिवेंज पोर्न से बचाव जैसे मुद्दों पर रहा है.
मेलानिया का यह बयान व्हाइट हाउस की राजनीति में एक हंगामेदार घटना है क्योंकि एक तरफ राष्ट्रपति और उनकी टीम मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही थी, वहीं फर्स्ट लेडी ने पीड़ितों की आवाज उठाने और अपनी सफाई देने का फैसला किया. इससे ट्रंप की मुश्किल बढ़ना लाजिमी है.


