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स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान के मामले में विधान परिषद की समिति के सामने पेश हुए. परिषद के सदस्यों ने उनके बयान को सदन की मर्यादा का उल्लंघन माना था. पेशी के दौरान कामरा अपनी एक स्लोगन वाली टी-शर्ट के कारण चर्चा में रहे. उन पर स्टेट के कई जिलों में एफआईआर दर्ज हैं, जिनकी जांच मुंबई की खार पुलिस कर रही है. हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनके ‘गद्दार’ कमेंट मामले में उनकी गिरफ्तारी पर पहले ही रोक लगा दी है. फिलहाल, समिति इस बात की जांच कर रही है कि क्या उनके बयान से विशेषाधिकार का हनन हुआ है.
कुणाल कामरा पर एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल करने का आरोप है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर अपनी बेबाक बयानबाजी और कानूनी पचड़ों को लेकर सुर्खियों में हैं. मामला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ किए गए कुछ तीखे बयानों से जुड़ा है. कुणाल गुरुवार को इसी सिलसिले में महाराष्ट्र विधान परिषद की ‘खास समिति’ के सामने पेश हुए. उन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी अपने अंदाज से सबका ध्यान खींचा. वे खास टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे, जिस पर लिखा था- ‘बुरा नहीं हुआ बस…आपको अच्छा नहीं लगता.’ एक्टर के इस साइलेंट मैसेज ने कोर्ट और समिति में काफी चर्चा बटोरी. दरअसल, परिषद के सदस्यों का मानना है कि कुणाल के कमेंट से सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, जिसके बाद उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए समन भेजा गया था.
कुणाल कामरा पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया और अपने शो के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. मामले में उन पर बुलढाणा, नासिक और ठाणे जैसे अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिन्हें बाद में जांच के लिए मुंबई के खार पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि कामरा को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए. हालांकि, पिछले साल उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी, जब कोर्ट ने उनके ‘गद्दार’ वाले कमेंट पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. अब विशेषाधिकार समिति इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उनकी कॉमेडी की सीमा ने सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है या यह सिर्फ अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा है.
समिति की अगली रिपोर्ट पर टिकी नजर
कुणाल कामरा अपनी धारदार कॉमेडी के लिए मशहूर हैं. वे अक्सर सत्ता और सिस्टम पर तंज कसते रहते हैं. उन्होंने समिति के सामने पेश होने के दौरान मीडिया से तो ज्यादा बात नहीं की, लेकिन शांति से अपना बयान दर्ज कराया. मुंबई पुलिस पहले ही ‘हैबिटेट स्टूडियो’ से जुड़े लोगों के बयान ले चुकी है जहां से कामरा अक्सर परफॉर्म करते हैं. यह पूरा मामला अभिव्यक्ति की आजादी और संवैधानिक मर्यादा के बीच की बहस को फिर से जिंदा कर देता है. अब सबकी नजरें समिति की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि कामरा के व्यंग्य को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए. फिलहाल, कुणाल अपने उसी चिर-परिचित बेबाक अंदाज में कानूनी लड़ाई का सामना कर रहे हैं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें


