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Video: मोम का जादू, रंगों की बाजीगरी! जमशेदपुर की दो सहेलियों ने ₹1000 की साड़ी से विदेशों तक मचाया तहलका

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Published On: April 9, 2026

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Success Story: जमशेदपुर की शोमा और डालियां ने अपने हुनर से पारंपरिक बाटिक प्रिंट को नई पहचान दी है. कभी सीमित दायरे तक सीमित यह कला अब देश-विदेश तक पहुंच चुकी है. दोनों ने शहर में छोटा काम शुरू किया, जो धीरे-धीरे सफल व्यवसाय बन गया. शोमा के अनुसार बाटिक प्रिंट एक पारंपरिक कला है, जिसमें कपड़े पर डिजाइन बनाने के लिए मॉम (वैक्स) और रेज़िन को गर्म कर लगाया जाता है. डिजाइन के बाद कपड़ा डाई में डुबोया जाता है. जहां मोम होती है, वहां रंग नहीं चढ़ता, बाकी हिस्सों में रंग भर जाता है. बाद में मोम हटाकर कपड़े को अंतिम रूप दिया जाता है. पूरा काम हाथ से होने के कारण हर पीस अलग और खास होता है. डालियां बताती हैं कि यह प्रिंट खूबसूरत होने के साथ टिकाऊ भी है और सही देखभाल पर 10 साल तक रंग फीका नहीं पड़ता. बाटिक साड़ी लगभग ₹1000, जबकि ब्लाउज ₹400-₹500 में मिल जाता है. सूट-सलवार, दुपट्टा और शॉल में भी इसकी खूब मांग है. यह कहानी महिला उद्यमिता और पारंपरिक कला की वैश्विक पहचान की मिसाल बन गई है. 

​Success Story: जमशेदपुर की शोमा और डालियां ने अपने हुनर से पारंपरिक बाटिक प्रिंट को नई पहचान दी है. कभी सीमित दायरे तक सीमित यह कला अब देश-विदेश तक पहुंच चुकी है. दोनों ने शहर में छोटा काम शुरू किया, जो धीरे-धीरे सफल व्यवसाय बन गया. शोमा के अनुसार बाटिक प्रिंट एक पारंपरिक कला है, जिसमें कपड़े पर डिजाइन बनाने के लिए मॉम (वैक्स) और रेज़िन को गर्म कर लगाया जाता है. डिजाइन के बाद कपड़ा डाई में डुबोया जाता है. जहां मोम होती है, वहां रंग नहीं चढ़ता, बाकी हिस्सों में रंग भर जाता है. बाद में मोम हटाकर कपड़े को अंतिम रूप दिया जाता है. पूरा काम हाथ से होने के कारण हर पीस अलग और खास होता है. डालियां बताती हैं कि यह प्रिंट खूबसूरत होने के साथ टिकाऊ भी है और सही देखभाल पर 10 साल तक रंग फीका नहीं पड़ता. बाटिक साड़ी लगभग ₹1000, जबकि ब्लाउज ₹400-₹500 में मिल जाता है. सूट-सलवार, दुपट्टा और शॉल में भी इसकी खूब मांग है. यह कहानी महिला उद्यमिता और पारंपरिक कला की वैश्विक पहचान की मिसाल बन गई है.   

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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