वर्तमान में बिहार के कई जिलों में बी कीपिंग का कारोबार विस्तृत रूप से किया जाने लगा है. खासकर पश्चिम चम्पारण ज़िले के वन वर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग इसे अपना मुख्य पेशा बनाने में लगे हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस व्यवसाय से सलाना 12 लाख रुपए तक की आमदनी संभव हो पाती है. मधुमक्खी पालन को शुरू करने के ठीक एक महीने बाद से शहद की हार्वेस्टिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिसे बाजार में एक हजार रुपए किलो की भाव तक बेचा जाता है.
वर्तमान में बिहार के कई जिलों में बी कीपिंग का कारोबार विस्तृत रूप से किया जाने लगा है. खासकर पश्चिम चम्पारण ज़िले के वन वर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग इसे अपना मुख्य पेशा बनाने में लगे हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस व्यवसाय से सलाना 12 लाख रुपए तक की आमदनी संभव हो पाती है. मधुमक्खी पालन को शुरू करने के ठीक एक महीने बाद से शहद की हार्वेस्टिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिसे बाजार में एक हजार रुपए किलो की भाव तक बेचा जाता है.













