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Udit Narayan Alka Yagnik Superhit Song : कुछ गाने दिल में हमेशा के लिए जगह बना लेते हैं. इतने मेलोडियस होते हैं कि इन्हें समय भी अपनी सीमा में नहीं बांध पाता है. ऐसा ही एक गाना डीडीएलजे यानी ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ फिल्म के लिए रिकॉर्ड हुआ था. डीडीएलजे फिल्म का नाम लेते ही मन में 90 के दशक की मीठी यादें ताजा होने लगती हैं. ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ जैसे गाने बरबस ही दिल में उभरने लगते हैं. 1995 में आई शाहरुख खान-काजोल स्टारर इस मूवी ने इतिहास रच दिया था. 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने वाली यह पहली बॉलीवुड फिल्म थी. इस फिल्म का एक गाना रिजेक्ट कर दिया गया था. पूरे 4 साल बाद जब यह गान दूसरी फिल्म में आया तो दिल में एक अलग ही अहसास जगा गया. यह गाना कौन सा था और वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं……………
‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ एक ऐसी बॉलीवुड फिल्म है जिसके बिना हिंदी सिनेमा अधूरा है. आज इस फिल्म की गिनती 100 मस्ट वॉच हिंदी फिल्म में होती है. फिल्म की कहानी, स्टार कास्ट, गीत-संगीत, सिनेमेटोग्राफी सबकुछ परफेक था. कुछ ही ऐसी फिल्में होती है जिनमें इस तरह के हर फैक्टर होते हैं. डीडीएलजे का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म का निर्देशन आदित्य चोपड़ा ने किया था. प्रोड्यूसर यश चोपड़ा थे. कहानी आदित्य चोपड़ा ने लिखी थी. डायलॉग जावेद सिद्दीकी ने लिखे थे. म्यूजिक जतिन-ललित ने दिया था. फिल्म का एक भी गाना फ्लॉप नहीं था. हर गाना सुपरहिट था. इस फिल्म की कामयाबी में म्यूजिक का अहम योगदान था. इस फिल्म के लिए सिलेक्ट हुआ एक गाना रिजेक्ट कर दिया गया था. बाद में यही गाना पूरे चार साल बाद एक और फिल्म में आया तो तहलका मच गया. यह गाना था : तुझे याद ना मेरे आई, किसी से अब क्या कहना.

‘तुझे याद ना मेरे आई, किसी से अब क्या कहना’ गाना 16 अक्टूबर 1998 को रिलीज हुई ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ के एल्बम में आया था. इस फिल्म को करण जौहर ने डायरेक्ट किया था. म्यूजिक जतिन-ललित का था. यह गाना मूल रूप से डीडीएलजे के लिए रिकॉर्ड किया गया था लेकिन फिल्म में कोई सैड सिचुएशन ही नहीं बन पाई. ऐसे में इस गाने को फिल्म से निकाल दिया गया.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि जतिन-ललित ने जब पहली बार इस गाने को यश चोपड़ा के घर पर सुनाया था तो गीतकार आनंद बख्शी की आंखों में आंसू आ गए थे. संगीतकार ललित पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि यह गाना उनकी दीदी सुलक्षणा पंडित गाया करती थीं. सुलक्षणा पंडित भी एक्ट्रेस थीं. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है. मजेदार बात यह है कि इस गाने के बोल पंजाबी में थे. ‘तैनू याद ना साडी आई, तैनू खत की लिखना, दिल रोया कि अख भर आई, कि खत तैनू की लिखना’. बख्शी साहब ने जब गाने की लाइन सुनी तो कहा था कि बच्चों आपको पता नहीं कि आप क्या गा रहे हैं? गाना दिल के जख्मों को हरा कर देता है.
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इस गाने का शुरुआती मुखड़ा ‘रब्बा मेरे इश्क किसी को ऐसे ना तड़पाए, दिल की बात रहे दिल में होठों तक ना आए…तुझे याद ना मेरी आई किसी से अब क्या कहना’ पंजाब की फॉक सिंगर मनप्रीत अख्तर ने गाया था. शुरुआती मुखड़ा पर्दे पर मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर पर फिल्माया गया है. वो पंजाब में म्यूजिक टीचर थी. उनकी आवाज बहुत बुलंद थी. उन्हें इस गाने के लिए जतिन-ललित ने मुंबई बुलाया था.

इस गाने से जुड़ा दिलचस्प किस्सा अलका याज्ञनिक ने शेयर किया था. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, उदित स्वभाव से ही खुशमिजाज हैं. ‘उदित नारायण सैड सॉन्ग भी मुस्कुरा कर गाते हैं. जैसे ही उदित ने ‘तुझे याद ना मेरी आई…’ गाना रोमांटिक अंदाज में गाया तो जतिन-ललित ने उन्हें टोक दिया. कई रीटेक के बात नहीं बनी तो जतिन-ललित ने उनका मुखड़ा हटा दिया. उदित नारायण के हिस्से में अंतरा आया.

‘तुझे याद ना मेरी आई’ गाने डीडीएलजे में शामिल नहीं हो पाया था. सवाल यह था कि इसे ‘कुछ कुछ होता है’ फिल्म में कैसे ले लिया गया. दरअसल, करण जौहर डायरेक्टर प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा के फुफेरे भाई हैं. यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर-प्रोड्यूसर करण जौहर की मामी हैं. करण जौहर ने इस फिल्म से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था. यश चोपड़ा परिवार ने उनकी खूब मदद की. पामेला चोपड़ा को ‘कुछ-कुछ होता है’ फिल्म की पूरी स्टोरी पता थी. उन्होंने करण जौहर को फोन करके ‘तैनू याद ना साडी आई…’ गाना सुनने को कहा था. यह भी कहा था कि सैड सिचुएशन के लिए यह गाना परफेक्ट रहेगा.करण ने गाना सुना तो उन्हें बहुत पसंद आया.

जतिन-ललित का यशराज फिल्म्स के बैनर के साथ जुड़ने की कहानी भी रोचक है. इस संगीतकार जोड़ी के नाम की सिफारिश आशा भोसले ने यश चोपड़ा से की थी. दोनों ने पूरे 3 घंटे तक यश चोपड़ा के घर पर गाने सुनाए थे. पूरे दो माह तक दोनों को कोई कॉल यशराज फिल्म्स से नहीं आया. दोनों ही उम्मीद छोड़ चुके थे. दो माह बाद बाद आदित्य चोपड़ा के ऑफिस से कॉल आया. आदित्य चोपड़ा को दो गाने ‘मेहंदी लगाके रखना’ और ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ याद थे. फिर क्या था, जतिन-ललित ने डीडीएलजे में कालजयी म्यूजिक कंपोज किया.

जतिन-ललित ने दोनों फिल्मों में ऐसा म्यूजिक दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा. ‘डीडीएलजे’ और ‘कुछ कुछ होता है’ दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. डीडीएलजे ने उस समय सभी बॉलीवुड फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. करीब 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 103 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह बॉलीवुड की सबसे बेस्ट फिल्मों में से एक है. उधर, ‘कुछ-कुछ होता है’ का बजट करीब 10 करोड़ रुपये का था. इस मूवी ने 106 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था.


