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Trump Iran Nuclear Attack Warning : ईरान पर होगा न्यूक्लियर अटैक, ट्रंप ने ऐसा क्‍या कहा

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Published On: April 7, 2026

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वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट के रेगिस्तानों से लेकर व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस तक, इस वक्त पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में वो हड़कंप मचाया है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा तनाव कहा जा रहा है. ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ‘आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी’, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करने की प्लानिंग कर रहा है? वायरल हो रही इन अफवाहों ने इतना बवाल काट दिया कि व्हाइट हाउस को बयान जारी करना पड़ा.

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ हैंडल से एक ऐसा संदेश जारी किया जिसने कूटनीति के सारे कायदे तोड़ दिए. उन्होंने लिखा, ‘एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा’. इस बयान ने न केवल तेहरान बल्कि बीजिंग और मॉस्को तक पैनिक मोड एक्टिव कर दिया है. 47 साल के ‘भ्रष्टाचार और दमन’ को खत्म करने की बात कहकर ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे ईरान में ‘टोटल रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं.

जेडी वेंस ने क्या कहा?

तनाव तब और बढ़ गया जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के पास ऐसी ‘टूलकिट’ मौजूद है, जिसका इस्तेमाल अब तक नहीं किया गया है. वेंस के इस बयान को विशेषज्ञों ने सीधे तौर पर ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स’ के इस्तेमाल से जोड़कर देखना शुरू कर दिया.

न्यूक्लियर हथियार पर अमेरिका को देनी पड़ी सफाई

हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद व्हाइट हाउस को सामने आकर सफाई देनी पड़ी. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा, ‘उपराष्ट्रपति की बात का मतलब परमाणु हमला बिल्कुल नहीं था. जो लोग ऐसी बातें फैला रहे हैं, वे पूरी तरह मूर्ख हैं’. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ‘टूल्स’ से उनका मतलब ‘आधुनिक साइबर हमले’, ‘प्रिसिजन गाइडेड मिसाइलों’ और और भी ‘घातक आर्थिक प्रतिबंधों’ से था.

क्या वाकई परमाणु हमला होगा?

ज्यादातर सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस वक्त ‘मैडमैन थ्योरी’ का इस्तेमाल कर रहे हैं यानी खुद को इतना अनप्रेडिक्टेबल दिखाओ कि दुश्मन डर के मारे घुटने टेक दे. परमाणु हथियार का इस्तेमाल करना न केवल ईरान को तबाह करेगा, बल्कि इसके ‘रेडियोएक्टिव’ असर से पूरा मिडिल ईस्ट और एशिया प्रभावित होगा, जिससे अमेरिका खुद भी नहीं बच पाएगा.

होर्मुज की ‘डेडलाइन’

ट्रंप ने ईरान को 0000 GMT यानी भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को व्यापार के लिए खोल दे. ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर को मलबे के ढेर में बदल दिया जाएगा.

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