सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित भनसपट्टी गांव में बालेन साह का सौतेला ननिहाल है, जहां उनके पीएम बनने की खबर मिलते ही उत्सव का माहौल बन गया था. बालेन की बहन अनामिका कहती हैं, बालेन मानवीय संवेदनाओं से भरे व्यक्ति हैं. बालेन साह का इस गांव से रिश्ता उनके पिता की पहली शादी से जुड़ा है, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के बीच उन्हें लेकर अटूट प्रेम और गर्व का भाव है. बालेन के पीएम बनने से भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा आएगी. णबालेन साह के ममेरे भाई की पत्नी और स्थानीय पंचायत की मुखिया निशा कुमारी इस जीत को कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानती हैं. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बालेन दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जा पाएंगे या नहीं.
सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित भनसपट्टी गांव में बालेन साह का सौतेला ननिहाल है, जहां उनके पीएम बनने की खबर मिलते ही उत्सव का माहौल बन गया था. बालेन की बहन अनामिका कहती हैं, बालेन मानवीय संवेदनाओं से भरे व्यक्ति हैं. बालेन साह का इस गांव से रिश्ता उनके पिता की पहली शादी से जुड़ा है, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के बीच उन्हें लेकर अटूट प्रेम और गर्व का भाव है. बालेन के पीएम बनने से भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा आएगी. णबालेन साह के ममेरे भाई की पत्नी और स्थानीय पंचायत की मुखिया निशा कुमारी इस जीत को कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानती हैं. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बालेन दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जा पाएंगे या नहीं.


