
सोनभद्र/ओबरा। तहसील दिवस के अवसर पर मंगलवार को ओबरा तहसील में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक शिकायती पत्र प्रस्तुत किया गया। यह ज्ञापन सोन चेतना सामाजिक संगठन के संस्थापक अभिषेक अग्रहरी द्वारा अधिकारियों के समक्ष रखा गया।ज्ञापन में तापीय विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेका श्रमिकों की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया। इसमें उल्लेख किया गया कि कई श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है, जिसके कारण वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। साथ ही श्रम कानूनों के अनुपालन, पारदर्शिता की कमी तथा ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठाए गए हैं।इसके अतिरिक्त तापीय परियोजना से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) एवं दूषित जल के कारण क्षेत्रीय जलस्रोतों, विशेषकर रेणुका नदी, के प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि यह प्रदूषण आगे चलकर सोन एवं गंगा नदी तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे जनस्वास्थ्य एवं कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।प्रस्तुत ज्ञापन में श्रमिकों के बकाया भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने, श्रम कानूनों के अनुपालन, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई है।तहसील दिवस के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रकरण को संज्ञान में लिया गया तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।











