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E-3 Sentry Damage: मिडिल ईस्ट में जारी जंग में डोनाल्ड ट्रंप चाहे जितने दावे कर लें, लेकिन ईरान अमेरिका पर भारी तो पड़ रहा है. मिडिल ईस्ट में कई ठिकानों को तबाह कर दिया. अभी सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले में अमेरिकी वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण E-3 सेंट्री (AWACS) विमान को बुरी तरह तबाह हो गया है. हवा में ‘क्वार्टरबैक’ की भूमिका निभाने वाला यह विमान अमेरिकी लड़ाकू विमानों की आंख और कान माना जाता है. पहले से ही संख्या में कम हो चुके AWACS बेड़े पर भारी संकट मंडरा रहा है.
ईरान ने अमेरिका के E-3 Sentry को तबाह कर दिया है. (फोटो: @Osinttechnical)
US E-3 Sentry Damage: मिडिल ईस्ट में जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बीच अमेरिका को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है. ईरान के मिसाइल और ड्रोन ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात अमेरिका के एक E-3 सेंट्री (E-3 Sentry) बैटल मैनेजमेंट एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया है. जानकारों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से पता चलता है कि इस विमान का पिछला हिस्सा लगभग खत्म हो चुका है. यह नुकसान केवल एक विमान का नहीं, बल्कि अमेरिकी वायुसेना की उस ‘दिव्य दृष्टि’ का है, जिसके दम पर वह दुश्मन के रडार और मिसाइलों को ट्रैक करती है.
E-3 सेंट्री, जिसे अवाक्स (AWACS) भी कहा जाता है, बोइंग 707 के पुराने सट्रक्चर पर आधारित है. 1950 के दशक की टेक्नोलॉजी और 1970 के दशक से सेवा में हैं, ऐसा माना जाता है कि इतने लंबे समय से सर्विस में होने की वजह से ये विमान अब ‘थक’ चुके हैं. एक रिपोर्ट की मुताबिक वर्तमान में यूएस एयरफोर्स के पास केवल 16 सक्रिय विमानों का बेड़ा बचा है. इनमें से भी आधे से कम उड़ान भरने की स्थिति में रहते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक मिशन क्षमता दर 2024 में गिर गई है. यह अपनी क्षमता केवल 55.7% काम कर पाते हैं. ऐसे में अगर एक भी विमान नष्ट होता है तो अमेरिका की पूरी रणनीति ही खराब हो सकती है.
कबाड़ से निकलेगा समाधान?
अब सवाल यह है कि इस बर्बाद हो चुके विमान को फिर से कैसे उपयोग में लाया जाएगा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के पास एक ‘जुगाड़’ है. एरिज़ोना के डेविस-मोंथन एयर फोर्स बेस, जिसे विमानों का कब्रिस्तान (बोनयार्ड) कहा जाता है. वहां करीब 18 पुराने E-3 विमान भंडारण में रखे हैं. वायुसेना इन रिटायर हो चुके विमानों से पुर्जे निकालकर क्षतिग्रस्त विमान को दोबारा जोड़ने की सोच सकती है.
आसान नहीं होगा डगर
हालांकि, यह इतना आसान नहीं है. सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के फिलिप शेयर्स का कहना है कि विमान का रडार बेहद नाजुक होता है. पुराने ‘बोनयार्ड’ से रडार निकालकर उसे आधुनिक युद्धक स्थिति में लाना एक हिमालयी जैसी चुनौती है. इसके अलावा, पुराने रडार आज के दौर के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और मिसाइलों को पहचानने में उतने सक्षम नहीं हैं.
New image reportedly showing the USAF E-3 Sentry destroyed in an Iranian attack at Prince Sultan Airbase on Friday.


