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Kathanar Movie Trailer Explained in Hindi : पुष्पा, बाहुबली, केजीएफ, कांतारा के बाद साउथ सिनेमा की ओर से बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा धमाका होने जा रहा है. मलयालम सिनेमा की एक पैन इंडिया फिल्म ‘कतनार’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. फिल्म के ट्रेलर ने सबके होश उड़ा दिए हैं. फिल्म का ट्रेलर किसी हॉलीवुड के विजुअल और रहस्यमयी दुनिया का ऐसा मेल है जो आपने पहले कभी नहीं देखा होगा. 100 करोड़ के बजट में बनी यह मलयालम की सबसे महंगी फिल्म है. प्रभुदेवा और मोहन लाल का कैमियो इसे और स्पेशल बना देता है.
हॉरर-फेंटेसी फिल्म ‘कतनार’ का ट्रेलर दर्शकों के होश उड़ा रहा है. ट्रेलर के वीएफएक्स हॉलीवुड मूवी की याद दिला रहे हैं. फिल्म की स्टोरी कतनार की जिंदगी का सफर दिखाती है. फिल्म की कहानी 9वीं शाताब्दी की है. क्रिश्चियन पादरी की कहानी है जिसके पास जादुई ताकत थी. फिल्म में जयसूर्या और अनुष्का शेट्टी लीड रोल में हैं. अनुष्का शेट्टी इस फिल्म से मलयालम इंडस्ट्री में डेब्यू करने जा रही हैं. कतनार फिल्म में अनुष्का शेट्टी ने जबर्दस्त कमबैक किया है. उनका रोल काफी रहस्यमयी और पावरफुल माना जा रहा है. यह सिर्फ एक हॉरर मूवी नहीं है बल्कि फैंटेंसी वर्ल्ड है जो कि कांतारा और तुम्बाड़ जैसी वाइब दे रही है. मूवी 14 भाषाओं में रिलीज होगी. ट्रेलर के 3 डायलॉग में पूरी कहानी छिपी हुई है, आइये जानते हैं इन हिंट के बारे में………

पिछले कुछ सालों में भारतीय सिनेमा में कई बदलाव देखने को मिले हैं. तुम्बाड और कांतारा जैसी फिल्मों ने साबित किया है भारतीय दर्शकों को लोककथाओं पर बनी फिल्में पसंद हैं. हॉलीवुड से कॉपी पेस्ट सुपरहीरो नहीं बल्कि लोककथाओं की कहानियां चाहिए. ऐसी कहानियां जो जादू-टोना, फैंटेसे-मिस्टी पर रची-बसी हों. केरल में लोककथाओं का एक बहुत बड़ा कलेक्शन है जिसे एतियातमाला (एतियामाला) के नाम से जाना जाता है. कतनार फिल्म की कहानी भी लोककथा पर बेस्ड है. ‘लोका चैप्टर 1: चंद्र’ में ‘कतनार’ नाम का एक कैरेक्टर था. यानी लोका यूनिवर्स में कतनार पहले से ही मौजूद था. वो एक मेंटर था. ट्रेलर में दिखाए गए पादरी के पास असीम शक्तियां हैं. वो बुरी शक्तियों से लोगों की रक्षा करता है. फिल्म का ट्रेलर शांगची एंड द लीजेंड ऑफ द रिंग्स की याद दिलाता है. मूवी फैंटेसी एडवेंचर पर बेस्ड है.

‘लोका चैप्टर 1: चंद्र’ और ‘कतनार’ एक ही सिनेमेटिक यूनिवर्स का पार्ट जरूर नहीं हैं लेकिन दोनों का बेस सेम है. कतनार 9वीं शाताब्दी का केरलम की लोककथाओं में एक रियल लाइफ पादरी था. कहा जाता है कि उसने एक रहस्यमयी जंगल में रहने वाली जनजातियों से तंत्र-मंत्र का प्रशिक्षण लिया था. ‘कतनार’ जहां एक ओर पादरी था, वहीं दूसरी ओर उसके पास पास भूत-प्रेतों को कंट्रोल करने की शक्ति थी. कतनार ‘रोशनी और अंधेरे’ दोनों पर नियंत्रण कर सकता था. यही चीज इसके कैरेक्टर को बहुत यूनिक बनाती है. ट्रेलर की शुरुआत में ही एक डायलॉग है कि ज्ञान के चाहे कितने भी स्रोत क्यों ना हों, कांतलूर शाला उसे खुले दिल से अपनाएगा.
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दरअसल, कांदलूर शाला (Kanthaloor Salai), जिसे ‘कांदलूर शाला कलमड़ुत्तरुलि’ भी कहा जाता है. लगभग 988 ईस्वी में दक्षिण केरल में चेर (या वेनाड) वंश के दौरान इसका अस्तित्व था. चोल राजा राजराज प्रथम ने एक सैन्य कार्रवाई में चेरों की इस शिक्षा/सैन्य शाला (केंद्र) को नष्ट कर दिया था. यह आर्ट-साइंस का केंद्र था. इसे दक्षिण का नालंदा भी कहा जाता था. ट्रेलर यह हिंट दे रहा है कि यह केंद्र जादू-टोना-तंत्र-मंत्र का भी केंद्र था.

ट्रेलर में एक लाइन आती है’ ‘चेरा सम्राट के चरणों में कुंचमन का विनम्र प्रणाम’. दरअसल, चेर वंश दक्षिण भारत का एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली राजवंश था. यह राजवंश तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 12वीं शताब्दी ईस्वी तक केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर शासन करता था. इन्हें ‘केरलपुत्र’ के नाम से भी जाना जाता था. इनका राजकीय चिन्ह ‘धनुष’ था और राजधानी करूर (वंजी) थी. इस पर चोल राजा राजराज प्रथम ने हमला किया था.

ट्रेलर देखकर ऐसा लगता है कि चोल राजा राजराज प्रथम के हमले के बाद चेर साम्राज्य में संकट के बादल गहराए. ट्रेलर में एक लाइन इस ओर इशारा करती है जिसमें कह गया है, ‘आपातकाल में अब वो अलौकिक मानव आ रहा है जो अग्नि के समान है. यदि वो हाथ थामे है तो संरक्षण, अगर हाथ छोड़ दे तो विनाश’. यह लाइन कतनार के कैरेक्टर का चित्रण करती है. यहां कतनार को अग्नि के समान बताया गया है. आग खाना भी पकाती है, और घर जलाकर विनाश भी करती है. वो अलौकिक मानव कोई और नहीं बल्कि जयसूर्या हैं, जो घोड़े पर बैठे हुए नजर आते हैं. ट्रेलर की एक लाइन में इस अलौकिक मानव की शक्तियों के बारे में बताया गया है. एक सीन में बताया जाता है, ‘आपके अंदर ऐसी अलौकिक शक्तियां समाई हुई हैं जो किसी साधारण इंसान में होना असंभव है.’ यहां पर जयसूर्या को उनकी शक्तियों के बारे में बताया जाता है. ये शक्तियां कैसे आईं, इस पर फ्लैश बैक में भी एक छोटी सी कहानी दिखाई जा सकती है.

ट्रेलर में एक और क्रिप्टिक लाइन इस ओर इशारा करती है कि पूरी कहानी चेर साम्राज्य और चोल साम्राज्य के बीच हुए युद्ध पर बेस्ड है. इस लाइन में एक शख्स कहता हुआ नजर आता है, ‘वेनाड खतरे में है.’ दरअसल, वेनाड दक्षिण केरल का एक प्रमुख मध्ययुगीन चेर साम्राज्य था. इसे वेनाड चेर या कुलशेखर वंश भी कहते हैं जिसने 12वीं शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी में त्रावणकोर के उदय तक शासन किया. यह प्राचीन चेर साम्राज्य का ही एक हिस्सा था. इसके शासकों, जैसे रवि वर्मा कुलशेखर, ने 14वीं शताब्दी में मदुरै तक विस्तार किया. यह क्षेत्र अपनी समुद्री व्यापारिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था.

डायरेक्टर ने ऐतिहासिक तथ्यों को फैंटेसी के साथ मिश्रित किया है. यह एक सिनेमेटिक मास्टरपीस बन जाती है. ट्रेलर इस बात का हिंट दे रहा है कि कतनार का ब्लैक मैजिक अनियंत्रित-असीम है. उसके अंदर इतनी सुपर नेचुरल पावर है, जो आम इंसान में नहीं हो सकती. ट्रेलर में मायाजाल को सही तरीके से दिखाया गया है.

ट्रेलर में अनुष्का शेट्टी की प्रजेंस किसी मैग्नेटिक फोर्स से कम नहीं है. अनुष्का शेट्टी का किरदार का कनेक्शन ‘लोका चैप्टर 1: चंद्र’ की कल्याणी (नीली) से हो सकता है. यानी कुछ-कुछ उसी तरह का कैरेक्टर अनुष्का का होने वाला है.

ट्रेलर में महाभारत फेम नितिश भारद्वाज ही नजर आ रहे हैं. इस ट्रेलर-फिल्म का विजुअल ग्रामर, वीएफएक्स बहुत ही उम्दा है. कतनार को वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीकी का इस्तेमाल करके बनाया गया है. वही तकनीकी जिससे हॉलीवुड की ‘द बैटमैन’ जैसी फिल्में बनाई गई हैं. इस तकनीकी में एलईडी स्क्रीन-वॉल्यूम पर रियल टाइम थ्रीडी एनवायरमेंट जनरेट किए जाते हैं. इसलिए ट्रेलर के डार्क कैरेक्टर-जंगल, रहस्यमयी स्थान पर जब लाइट पड़ती है तो वो एकदम नेचुरल और हाइपर रियलिस्टिक लगती है.


