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ईरान जंग: 25 रुपये लीटर महंगा हुआ पेट्रोल, महंगाई ने डोनाल्ड ट्रंप को औकात दिखाई, यूं ही सरेंडर को तैयार नहीं अमेरिका!

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Published On: March 29, 2026

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Petrol-Desiel Price In America: पश्चिम एशिया जंग में अमेरिका बुरी तरह उलझ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. इस कारण वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बाधित हुई है. इस कारण तेल की कीमत बढ़कर 70 से 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. अब इस महंगाई की मार सीधे अमेरिकी झेल रहे हैं. वहां पेट्रोल-डीजल की कीमत में 25 से 35 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी हुई है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग में बुरी तरह उलझ गए हैं. फोटो- रायटर

Petrol-Desiel Price In America: पश्चिम एशिया में जंग की मार केवल भारत या दुनिया के अन्य देश नहीं झेल रहे हैं. बल्कि अपने आप को दुनिया का सबसे बड़ा सुपर पावर मानने वाला अमेरिका भी इस जंग की आग में जल रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सनक वाली इस जंग से अमेरिकी त्रस्त आ चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक जंग शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में 25 से 30 रुपये लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है. वहां पेट्रोल गैलन की रेट में बिकता है. एक अमेरिकी गैलन में करीब 3.80 लीटर पेट्रोल आता है. ईरान जंग शुरू होने से पहले वहां प्रति गैलन पेट्रोल की औसत कीमत करीब 3 डॉलर थी, जो अब बढ़कर करीब चार डॉलर हो गई है.

यानी कीमतों में 30 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. भारतीय रुपये में एक गैलन पेट्रोल की कीमत में करीब 90 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इसको लीटर के हिसाब से देखेंगे तो यह करीब 25 रुपये लीटर का रेट बैठता है. ईंधन की कीमत में इतनी बढ़ोतरी किसी भी देश के मध्य वर्ग की कमर तोड़ सकती है. यही कारण है अमेरिका में लोग अब सड़कों पर उतरने लगे हैं. लोग डोनाल्ड ट्रंप की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं.

तेल के भाव में लगी आग

28 फरवरी से चल रही इस जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब-करीब बंद है. यहां से दुनिया के 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. जंग से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी जो बढ़कर अब 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर अमेरिकी जनता पर पड़ा है. वे भीषण महंगाई की मार झेल रही है. पेट्रोल यानी गैसोलीन की कीमत बढ़ने से अमेरिका में हर एक चीज की कीमत बढ़ गई है.

क्या सरेंडर को मजबूर है अमेरिका

ईरान के साथ जंग में निश्चित तौर पर अमेरिका और इजरायल ने शिया मुल्क में बड़ी तबाही मचाई है. इन दोनों ने मिलकर ईरान के शीर्ष नेतृत्व को मार दिया. ईरान में भीषण बमबारी में भारी तबाही हुई है लेकिन, इतना सब होने के बावजूद ईरान ने लगातार पलटवार किया. उसने पश्चिम एशिया के देशों में अमेरिकी संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचाया. अमेरिका के भी कई सैनिक मारे गए हैं. कुल मिलाकर इस जंग में अमेरिका को स्पष्ट जीत मिलती नहीं दिख रही है. ईरान ने उम्मीद से कहीं ज्यादा आक्रामक तरीके से अपना बचाव किया है और उसके पलटवार ने दुनिया को हैरान कर दिया है.

इन सभी परिस्थितियों में अमेरिका अब युद्ध विराम की बात करने लगा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर हमला रोक दिया है. वह ईरान के साथ डील की बात कह रहे हैं. अब अमेरिका की पूरी कोशिश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की है. इसके लिए उसने अपने जंगी बेड़ा भेजा दिया है. उसने पश्चिम एशिया में अपनी मरीन सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है.

ट्रंप के लिए राजनीति खतरा

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमत और महंगाई ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक खतरा पैदा कर दिया है. जंग से पहले डोनाल्ड ट्रंप पेट्रोल की कम कीमत को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रहे थे लेकिन अब कीमत में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी से उनकी लोकप्रियता पर असर पड़ सकता है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में पेट्रोल की तुलना में डीजल की कीमत और तेजी से बढ़ी है. इसमें 1.24 से 1.34 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है. यानी अमेरिका में बीते एक माह में डीजल के दाम प्रति लीटर करीब 30 से 35 रुपये तक बढ़े हैं.

अमेरिका अर्थव्यवस्था पर असर

रिपोर्ट के मुताबिक उच्च तेल कीमत की वजह से महंगाई काफी बढ़ गई है. रोजमर्रा की चीजों के दाम और ट्रैवल बहुत महंगा हो गया है. जानकार बताते हैं कि युद्ध और खींचता है तो महंगाई और बढ़ेगी और जनता परेशान होगी. इस कारण डोनाल्ड ट्रंप अपनी जल में बुरी तरह फंस गए हैं. शुरू में ट्रंप के समर्थक और उनके प्रशासन के लोग कहते थे कि पेट्रोल-डीजल की कीमत थोड़ी बढ़े तो बढ़े लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा ज्यादा अहम है. लेकिन, बेकाबू महंगाई ने इस ट्रंप प्रशासन के इस रुख को बदलने पर मजबूर किया है. अब ट्रंप प्रशासन जंग खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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