नई दिल्ली. फिल्म कसूर का मशहूर गाना मोहब्बत हो न जाए आज भी अपने सुकून भरे अंदाज और गहरी भावनाओं के लिए याद किया जाता है. आफताब शिवदसानी और लिसा रे पर फिल्माया गया यह गाना प्यार के उस एहसास को बयां करता है, जब दिल धीरे-धीरे किसी के करीब आने लगता है, लेकिन जुबां पर अभी भी खामोशी रहती है. इस गाने की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सादगी है. न कोई ज्यादा शोर, न भारी-भरकम सेट—बस दो दिलों के बीच पनपता एक मासूम रिश्ता. आफताब शिवदसानी की सहज अदाकारी और लिसा रे की नज़ाकत इस गाने को और भी दिलकश बना देती है. दोनों के बीच की केमिस्ट्री इतनी नैचुरल लगती है कि दर्शक खुद को इस कहानी का हिस्सा महसूस करने लगते हैं. गाने के बोल और धुन मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं, जिसमें इश्क की शुरुआत की झिझक, डर और मीठी बेचैनी साफ महसूस होती है. इस गाने के बोल समीर ने लिखे हैं. इसका म्यूजिक नदीम-श्रवण ने दिया है. इस गाने को अल्का याग्निक और कुमार सानू ने आवाज दी है.नई दिल्ली. फिल्म कसूर का मशहूर गाना मोहब्बत हो न जाए आज भी अपने सुकून भरे अंदाज और गहरी भावनाओं के लिए याद किया जाता है. आफताब शिवदसानी और लिसा रे पर फिल्माया गया यह गाना प्यार के उस एहसास को बयां करता है, जब दिल धीरे-धीरे किसी के करीब आने लगता है, लेकिन जुबां पर अभी भी खामोशी रहती है. इस गाने की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सादगी है. न कोई ज्यादा शोर, न भारी-भरकम सेट—बस दो दिलों के बीच पनपता एक मासूम रिश्ता. आफताब शिवदसानी की सहज अदाकारी और लिसा रे की नज़ाकत इस गाने को और भी दिलकश बना देती है. दोनों के बीच की केमिस्ट्री इतनी नैचुरल लगती है कि दर्शक खुद को इस कहानी का हिस्सा महसूस करने लगते हैं. गाने के बोल और धुन मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं, जिसमें इश्क की शुरुआत की झिझक, डर और मीठी बेचैनी साफ महसूस होती है. इस गाने के बोल समीर ने लिखे हैं. इसका म्यूजिक नदीम-श्रवण ने दिया है. इस गाने को अल्का याग्निक और कुमार सानू ने आवाज दी है.
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नदीम-श्रवण का म्यूजिक, कुमार सानू-अल्का याग्निक की आवाज, हीरो ने आंखों ही आंखों में हीरोइन से किया प्यार का इजहार

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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More
