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ईरान जंग के बीच अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद सामने आए हैं. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने नेतन्याहू के युद्ध से पहले किए गए दावों पर सवाल उठाए. खासकर ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर किए गए अनुमान गलत साबित हुए. इस विवाद ने दोनों देशों की रणनीति में अंतर को उजागर किया है और आगे के हालात पर असर डाल सकता है.
जेडी वेंस और बेंजामिन नेतन्याहू में विवाद हुआ.
ईरान के साथ चल रही जंग के बीच अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में दरार की खबरें सामने आने लगी हैं. एक प्राइवेट फोन कॉल ने दोनों देशों के बीच छिपे मतभेद को उजागर कर दिया है. इससे पता चलता है कि अमेरिका अब खुद को इस युद्ध में फंसा हुआ मान रहा है. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत में तीखी बहस हुई. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक सामने आई जानकारी के अनुसार, वेंस ने सीधे तौर पर नेतन्याहू के उन दावों पर सवाल उठाए जो युद्ध से पहले किए गए थे. खासकर यह दावा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन आसान होगा और वहां आंतरिक विद्रोह भड़क सकता है.
क्या जेडी वेंस की छवि खराब की जा रही हैं?
यह विवाद सिर्फ फोन कॉल तक सीमित नहीं रहा. कॉल के अगले ही दिन इजरायल के एक अखबार में खबर छपी कि वेंस ने नेतन्याहू पर जोरदार तरीके से नाराजगी जताई. हालांकि बाद में इस रिपोर्ट को अमेरिका और इजरायल दोनों तरफ से खारिज कर दिया गया. इसके बावजूद व्हाइट हाउस के भीतर इस बात को लेकर शक पैदा हो गया कि कहीं इजरायल सरकार के कुछ लोग जानबूझकर वेंस की छवि खराब करने की कोशिश तो नहीं कर रहे. हालांकि इजरायल की तरफ से इस आरोप से इनकार किया गया है.
इजरायल ने जैसा सोचा वैसा नहीं हुआ
असल में यह पूरा मामला एक बड़े अंतर को दिखाता है. इजरायल शुरुआत से ही इस युद्ध को लेकर काफी आत्मविश्वास में था. उसे उम्मीद थी कि ईरान पर दबाव डालकर वहां की सत्ता को कमजोर किया जा सकता है. लेकिन अब अमेरिका का रुख ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है. यह मतभेद ऐसे समय पर सामने आया है जब जंग लगातार लंबी खिंचती जा रही है और उसका कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा. अमेरिका की ओर से बतचीत की बात हो रही है. लेकिन साथ ही इस बात की भी चर्चा है कि अमेरिका सैनिक उतारने को तैयार है.


