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ट्रंप ने बजा दी अमेरिकी सेना की बैंड, एक महीने के युद्ध में 850 टॉमहॉक मिसाइलें स्‍वाहा, ईरान रुकने वाला नहीं!

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Published On: March 28, 2026

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ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने पिछले चार हफ्तों में 850 से ज्यादा टॉमहॉक मिसाइलें दाग दी हैं, जिससे पेंटागन में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मिसाइलों का भंडार खतरनाक रूप से कम हो गया है और सेना ‘विंचेस्टर’ (गोला-बारूद खत्म होने) की स्थिति के करीब है. सीमित वार्षिक उत्पादन और भारी खपत के कारण अब अमेरिका को अन्य रणनीतिक क्षेत्रों से हथियार हटाने पड़ सकते हैं.

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डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना की हालत खस्‍ता कर दी. (AI Image)

युद्ध के मैदान में ईरान को धुआं-धुआं करने का सपना देख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को एक ऐसी कड़वी हकीकत ने घेर लिया है जिसने पेंटागन के गलियारों में खलबली मचा दी है. खबर यह नहीं है कि ट्रंप ईरान पर बम बरसा रहे हैं. खबर यह है कि वे अब तक अपनी 850 सबसे घातक टॉमहॉक मिसाइलें फूंक चुके हैं. यानी सिर्फ चार हफ्तों में उन्होंने अपनी सेना का वार्षिक कोटा खत्म कर दिया है. अमेरिकी सैन्य भाषा में इसे ‘विंचेस्टर’ (Winchester) कहते हैं यानी बारूद पूरी तरह खत्म. अब सवाल यह है कि बिना मिसाइलों के ट्रंप ईरान पर जमीनी हमला कैसे करेंगे? क्या वे अपने सैनिकों को बिना हवाई कवर के मौत के मुंह में धकेलेंगे? अमेरिका के कुछ एक्‍सपर्ट तो यह भी दावा कर रहे है कि पेंटागन ने अपनी कुल क्षमता के एक चौथाई टॉमहॉक मिसाइल इस युद्ध में खो दिए हैं. वाशिंगटन पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार हफ्तों में अमेरिका ने ईरान पर 850 से ज्यादा टॉमहॉक मिसाइलें दाग दी हैं.  अमेरिका के कुछ एक्‍सपर्ट का दावा है कि यह संख्‍या अमेरिका के कुल टॉमहॉक मिसाइल का एक चौथाई है.

पेंटागन के बारूद खत्म!
अमेरिकी सैन्य शब्दावली में ‘विंचेस्टर’का अर्थ है हथियारों का पूरी तरह खत्म हो जाना. रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में अमेरिकी मिसाइलों का भंडार खतरनाक रूप से कम हो गया है.

· सीमित उत्पादन: अमेरिका हर साल केवल कुछ सौ टॉमहॉक मिसाइलें ही बना पाता है. ऐसे में एक महीने में 850 मिसाइलें दागना उसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता से कई गुना ज्यादा है.

· रणनीतिक खतरा: मिसाइलों की कमी की वजह से अमेरिका को अब हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) जैसे अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से अपना कोटा यहां शिफ्ट करना पड़ सकता है जिससे चीन जैसे दुश्मनों को मौका मिल सकता है.

ट्रंप प्रशासन की बढ़ती मुसीबतें
एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में जमीनी सेना उतारने पर विचार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ हथियारों की यह कमी उनके सैन्य प्लान पर पानी फेर सकती है. टॉमहॉक मिसाइलें 1,000 मील से ज्यादा दूर से सटीक हमला करने में सक्षम हैं जिससे अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के रडार में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन अब जब मिसाइल ही खत्म होने वाले हैं तो बिना हवाई कवर के जमीनी हमला करना अमेरिका के लिए आत्मघाती हो सकता है.

पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने हालांकि आंकड़ों पर चुप्पी साधते हुए कहा है कि उनके पास मिशन के लिए पर्याप्त संसाधन हैं लेकिन अंदरूनी सूत्र बता रहे हैं कि वर्तमान ‘बर्न रेट’ (खपत की दर) भविष्य के ऑपरेशन्स के लिए बहुत बड़ा जोखिम है.

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