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स्टार प्लस के शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो टीवी का असली किंग है. शो के नए स्पिन-ऑफ ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ ने अपनी प्रीमियर हफ्ता खत्म होते ही टीआरपी चार्ट पर ‘अनुपमा’ जैसी बड़ी चुनौती को पीछे छोड़ दिया है. 2.3 मिलियन दर्शकों के साथ अंगद और वृंदा की नई कहानी ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली है. तुलसी विरानी की विरासत को आगे बढ़ाता यह शो अब टीआरपी की रेस में दूसरे पायदान पर जा पहुंचा है.
‘अनुपमा’ के लिए मुसीबत बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का स्पिन-ऑफ शो.
नई दिल्ली. इस बार भी टीवी टीआरपी की लिस्ट में बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है. स्मृति ईरानी के आइकॉनिक शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी का जादू एक बार फिर दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. यह शो न सिर्फ वापसी के बाद टीआरपी चार्ट्स पर टॉप पर है, बल्कि इसका नया स्पिन-ऑफ ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ भी जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है. इस नई कहानी का केंद्र तुलसी विरानी का बड़ा बेटा अंगद (रोहित सुचंती) और उसकी पत्नी वृंदा (तनीषा मेहता) हैं. जानिए लेटेस्ट टीआरपी लिस्ट में किस-किस शो ने इस बार बाजी मारी है.
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का नंबर 1 पर कब्जा
बार्क (BARC) की लेटेस्ट टीआरपी लिस्ट आ गई है और इस बार स्मृति ईरानी के शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी ने 2.0 की रेटिंग के साथ नंबर 1 की गद्दी पर कब्जा कर लिया है. पिछले हफ्ते इस शो ने करीब 28 लाख दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाई. वहीं, इसका स्पिन-ऑफ शो ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ भी पीछे नहीं है. इसने 1.9 की टीआरपी के साथ दूसरा पायदान हासिल किया है.
रूपाली गांगुली के शो अनुपमा को लगा बड़ा झटका
‘अनुपमा’, ‘वसुधा’ और ‘गंगा माई की बिटिया’ जैसे शोज 1.8 की रेटिंग पर टिके हुए हैं. टीआरपी की रेस में इस बार ‘अनुपमा’ को तगड़ा झटका लगा है और यह शो फिसलकर तीसरे नंबर पर आ गया है. दूसरी तरफ, जीटीवी के दो नए शोज वसुधा और गंगा माई की बेटियां’ ने 1.8 की रेटिंग के साथ अपना जलवा बरकरार रखा है. ‘वसुधा’ फिलहाल चौथे पायदान पर है, तो वहीं ‘गंगा माई की बेटियां’ पांचवें नंबर पर काबिज है. इन दोनों ही शोज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीटीवी की साख को टीआरपी चार्ट्स पर और मजबूत कर दिया है.
प्रियंका चाहर के ‘नागिन 7’ ने टॉप 10 में बनाई जगह
दूसरी तरफ, प्रियंका चाहर चौधरी के ‘नागिन 7’ ने भी टॉप-10 में जगह बनाई है, जिसकी टीआरपी 1.7 रही. इनके अलावा ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘लाफ्टर शेफ्स’ और ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ जैसे पॉपुलर शोज भी टॉप 10 की रेस में बरकरार हैं.
टीआरपी लिस्ट में इन 10 शोज ने मारी बाजी
- क्योंकि सास भी कभी बहू थी
- क्योंकि सास भी कभी बहू थी स्पिन ऑफ
- अनुपमा
- वसुधा
- गंगा माई की बेटियां
- नागिन 7
- तुम से तुम तक
- तारक मेहता का उल्टा चश्मा
- लाफ्टर शेफ्स 3
- ये रिश्ता क्या कहलाता है
क्या अलग शो है ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’?
बताते चलें कि स्टार प्लस ने ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ को एक अलग शो के तौर पर नहीं, बल्कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के विस्तार के रूप में पेश किया है. खास बात यह है कि यह कोई अलग टाइम स्लॉट पर नहीं आता, बल्कि उसी एपिसोड का हिस्सा है. पहले जहां ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का एपिसोड 27 मिनट का होता था, वहीं अब इस नए स्पिन-ऑफ के जुड़ने से शो की टाइमिंग बढ़कर 40 मिनट हो गई है. हर एपिसोड का आखिरी हिस्सा पूरी तरह से अंगद और वृंदा की नई कहानी पर फोकस करता है, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है.
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साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें


