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अर्चना पूरन सिंह का सफर देहरादून से मुंबई तक के कड़े संघर्ष और अटूट हिम्मत की कहानी है. 19 साल की उम्र में करियर शुरू करने वाली अर्चना ने ‘करमचंद’ जैसे सीरियल्स में शुरुआती पहचान बनाई, लेकिन असली मोड़ 1987 की फिल्म ‘जलवा’ से आया. कड़े ऑडिशन और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी जगह बनाई. फिल्म के एक भावुक दृश्य में नसीरुद्दीन शाह के मार्गदर्शन ने उनके करियर को दिशा दी. आज वह ‘मिसेज ब्रिगेंजा’ और ‘द कपिल शर्मा शो’ की जज के रूप में घर-घर में लोकप्रिय हैं. उनका जीवन सिखाता है कि कड़ी मेहनत और लगन से किसी भी मुश्किल शुरुआत को बड़ी सफलता में बदला जा सकता है.
अर्चना पूरन सिंह की डेब्यू फिल्म का मजेदार किस्सा.
नई दिल्ली: अर्चना पूरन सिंह आज हर किसी को हंसाने वाली मिसेज ब्रिगेंजा या कपिल शर्मा शो की जोर-जोर से हंसने वाली जज के रूप में मशहूर हैं. लेकिन उनकी जर्नी बिल्कुल आसान नहीं थी. देहरादून में 26 सितंबर 1962 को जन्मी अर्चना ने सिर्फ 19 साल की उम्र में कैमरे के सामने आने की ठान ली थी. टीवी से शुरूआत की, ‘मिस्टर या मिसेज’ और ‘करमचंद’ जैसे सीरियल्स किए. ‘करमचंद’ में तो उन्होंने डबल रोल भी निभाया था. उस दौर में छोटे पर्दे पर ऐसा करने वाली वो पहली अभिनेत्री थीं. लेकिन सीरियल सिर्फ तीन एपिसोड बाद बंद हो गया. फिर भी अर्चना ने हिम्मत नहीं हारी और फिल्मों की तरफ बढ़ीं.
अर्चना पूरन सिंह को साल 1987 में पहली बड़ी फिल्म ‘जलवा’ ऑफर हुई, जिसमें नसीरुद्दीन शाह हीरो थे. ऑडिशन के लिए मुंबई की 30-35 मॉडल लड़कियों से मुकाबला करना पड़ा. अर्चना घर से दूर थीं, एक फोन कॉल पर 100 रुपये की टैक्सी लेकर पहुंचीं – उस जमाने में ये बहुत बड़ी रकम थी. स्क्रीन टेस्ट पास हो गया तो लगा कि पैसे वसूल हो गए. लेकिन शूटिंग के दौरान असली मुश्किल आई. फिल्म में एक सीन था जिसमें अर्चना के छोटे भाई का रोल कर रहे युवा साइरस ब्रोचा को उन्हें गले लगाना था. साइरस इतने शर्मीले थे कि उन्होंने साफ मना कर दिया. सेट पर सब अटक गए. तब नसीरुद्दीन शाह ने आगे बढ़कर साइरस को समझाया – ‘आज अगर गले नहीं लगाया तो 10 साल बाद इस बात का अफसोस रहेगा.’ उनकी बात सुनकर साइरस ने आखिरकार सीन कर लिया. वो दुख भरा गाना बज रहा था और पुलिस अर्चना के भाई को ले जा रही थी, ऐसे इमोशनल मोमेंट में ये सीन बहुत जरूरी था.
मिसेज ब्रिगेंजा का निभाया रोल
अर्चना ने उस स्ट्रगल भरे शुरूआती दौर के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘जलवा’ के बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन असली पहचान तो कॉमेडी रोल्स से मिली – ‘कुछ कुछ होता है’ की मिसेज ब्रिगेंजा हो या फिर टीवी पर जज वाली कुर्सी. आज भी वो सोशल मीडिया पर व्लॉग्स से फैंस का मनोरंजन करती हैं और कपिल शर्मा शो में अपनी हंसी से सबको खुश रखती हैं. 19 साल की उम्र से शुरू हुए इस लंबे सफर में अर्चना ने सिखाया कि मेहनत, हिम्मत और सही मौके का इंतजार कभी बेकार नहीं जाता. आज वो टीवी की सबसे पॉपुलर और प्यारी हस्तियों में से एक हैं, और उनका ये पूरा सफर दिखाता है कि शुरुआत चाहे कितनी भी मुश्किल हो, लगन से सब कुछ संभव है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें


