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फिल्ममेकर के घर पर बमबारी से भड़का ईरान, इजराइल-अमेरिका को सुनाई खरी-खोटी- ‘खाली घर खतरा था’

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Published On: March 25, 2026

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अमेरिकी-इजराइल हमलों में ईरान के दिग्गज फिल्मकार अब्बास कियारोस्तामी का शिराज में मौजूद घर को नुकसान पहु्ंचा है. बेटे ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे एक महान विरासत का नुकसान बताया. ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे केवल सैन्य हमला नहीं, बल्कि देश के कल्चर और पहचान पर चोट बताया है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और लगातार होती बमबारी के बीच घटना दिखाती है कि वॉर की आग में न सिर्फ सैनिक ठिकाने, बल्कि कला और इतिहास के अनमोल प्रतीक भी मिट रहे हैं. शांति के दावों के बीच जमीनी हकीकत अब भी बेहद तकलीफदेह है.

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अब्बास कियारोस्तामी, ईरान के दिग्गज फिल्मकार हैं. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: ईरान से आई दुखद खबर ने पूरी दुनिया के कला प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है. मशहूर फिल्ममेकर अब्बास कियारोस्तामी ने अपनी फिल्मों से ईरान के कल्चर को ग्लोबल पहचान दिलाई, उनका शिराज स्थित घर अमेरिका और इजरायल की हालिया बमबारी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है. उनके बेटे अहमद कियारोस्तामी ने इस दर्दनाक हादसे की जानकारी शेयर करते हुए बताया कि सोमवार रात जब बम बरसे, तो उनकी मां ने कांपती आवाज में अपनी सलामती की खबर दी, लेकिन अगली सुबह पता चला कि उनके पिता की यादों से जुड़ा वह आशियाना अब मलबे में तब्दील होने की कगार पर है. यह सिर्फ एक इमारत का गिरना नहीं है, बल्कि एक महान कलाकार की विरासत पर हमला है जिसने ‘टेस्ट ऑफ चेरी’ जैसी कालजयी फिल्में दुनिया को दीं.

घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखे रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस हमले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अमेरिका से सीधा सवाल पूछा है कि क्या एक दिवंगत फिल्मकार का खाली घर भी उनके लिए कोई ‘आने वाला खतरा’ था? मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ शब्दों में कहा कि यह बमबारी किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं, बल्कि एक देश की सभ्यता, उसकी जड़ों और उसकी पहचान को मिटाने की कोशिश है. जिस समय ये हमले हो रहे हैं, उसी दौरान ग्लोबल राजनीति में विरोधाभासी बातें भी चल रही हैं. एक तरफ शांति की ‘पॉजिटिव बातचीत’ के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ हकीकत में जमीन पर मिसाइलें और ड्रोन बरस रहे हैं, जो दावों और सच्चाई के बीच की गहरी खाई को उजागर करते हैं.

थमने का नाम नहीं ले रहा युद्ध
जमीनी हालात अब भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और वॉर की यह आग थमने का नाम नहीं ले रही है. इजरायली सेना के मुताबिक, वे अब तक हजारों हमले कर चुके हैं, जिसमें ईरान के कई इलाकों को निशाना बनाया गया है. पलटवार के रूप में ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरा इलाका दहला हुआ है. अब्बास कियारोस्तामी जैसे फनकार ने 1997 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में सबसे बड़ा सम्मान जीता था, उनके घर का इस तरह खंडहर होना यह दर्शाता है कि वॉर में सिर्फ सैनिक या हथियार ही नहीं खत्म होते, बल्कि इंसानी हुनर और इतिहास के निशान भी मिट जाते हैं. आज दुनिया यह देख रही है कि कैसे हिंसा के इस दौर में कला के प्रतीकों को भी नहीं बख्शा जा रहा है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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