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मिडल ईस्ट में जारी महायुद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान अब कूटनीति का नया अखाड़ा बन गया है, जहां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति वार्ता की मेजबानी का प्रस्ताव दिया है. इस कूटनीतिक हलचल के बीच व्हाइट हाउस ने पूरी स्थिति को ‘फ्लुइड’ करार देते हुए सस्पेंस और बढ़ा दिया है.
ईरान संग अमेरिका की बातचीत होगी या नहीं
वॉशिंगटन: मिडल ईस्ट में चल रही मिसाइलों के बीच पूरी दुनिया तेल की चढ़ती कीमतों से परेशान है. ऐसे में सभी की नजरें इस वक्त एक ही सवाल पर टिकी हैं- क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम होगा? ट्रंप ने ईरान से बातचीत के लिए हामी भरी दी है और इसके लिए इस्लामाबाद को चुना गया है. जहां एक तरफ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बातचीत की मेजबानी का पासा फेंका है, वहीं अब इस पर व्हाइट हाउस का सबसे ताजा और बड़ा अपडेट सामने आ गया है. जिसके बाद ईरान के साथ डील होगी या नहीं इस पर सस्पेंस और तगड़ा हो गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पूरी स्थिति को ‘फ्लुइड’ कहकर बयां किया है, यानी बातचीत को लेकर स्थित बेहद अस्थिर और पल-पल बदलने वाली बनी हुई. व्हाइट हाउस के इस बयान ने सस्पेंस और ज्यादा बढ़ा दिया है.
व्हाइट हाउस का ‘सस्पेंस’ वाला अपडेट
मंगलवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से जब पाकिस्तान में होने वाली संभावित ‘शांति वार्ता’ पर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब कूटनीतिक गहराई से भरा था. लेविट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना अभी एक ऐसी स्थिति में है जो लगातार बदल रही है. उन्होंने इसे ‘फ्लुइड’ बताकर संकेत दिया कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है.
उन्होंने साफ कर दिया कि ये चर्चाएं बेहद ‘संवेदनशील’ हैं और अमेरिका प्रेस के जरिए कूटनीति नहीं करेगा. यानी, जब तक डील फाइनल नहीं होती, व्हाइट हाउस किसी भी बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं करेगा.
व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि जब तक उनकी तरफ से औपचारिक ऐलान न हो जाए, तब तक किसी भी मीटिंग को ‘फाइनल’ न माना जाए.
शहबाज का ट्वीट और ट्रंप का रीपोस्ट
अमेरिका अभी कुछ भी साफ बोलने से बच रहा है लेकिन बड़बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने ‘X’ पर लपक कर पोस्ट लिख डाला है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मेजबानी के लिए तैयार है. सिर्फ यही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर री-शेयर कर दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस वक्त मिडिल ईस्ट से ‘सम्मानजनक विदाई’ चाहते हैं और इसके लिए वे पाकिस्तान के पुराने संपर्कों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें


