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यूपीनेडा के सूर्यमित्र कार्यक्रम से युवाओं को मिल रहा रोजगार और स्व-रोजगार का बड़ा अवसर, सोलर सेक्टर में बन रहा उज्ज्वल भविष्य

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Published On: March 22, 2026

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उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा संचालित सूर्यमित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार का एक मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। तेजी से बढ़ते सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग को देखते हुए यूपीनेडा युवाओं को सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, ताकि वे भविष्य के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें। यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से भी जोड़ रहा है।

देश में बढ़ती बिजली मांग, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर बढ़ता दबाव तथा पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए सौर ऊर्जा को सबसे महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही हैं। इसी दिशा में यूपीनेडा का सूर्यमित्र कार्यक्रम युवाओं को सीधे इस उभरते हुए क्षेत्र से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

सूर्यमित्र कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को तीन माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में सौर ऊर्जा प्रणाली की पूरी कार्यप्रणाली समझाई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सोलर पैनल की स्थापना, वायरिंग, इन्वर्टर कनेक्शन, बैटरी मैनेजमेंट, कंट्रोल सिस्टम, रखरखाव, फॉल्ट डिटेक्शन और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक आधारित होता है, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसर कई गुना बढ़ने वाले हैं। सरकार द्वारा घरों, सरकारी भवनों, स्कूलों, अस्पतालों, पंचायत भवनों तथा कृषि कार्यों में सोलर सिस्टम लगाने को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं के लिए निजी कंपनियों, ऊर्जा परियोजनाओं तथा स्वतंत्र कार्य के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

यूपीनेडा के अधिकारियों के अनुसार सूर्यमित्र प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें स्व-रोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण प्राप्त युवा अपने क्षेत्र में सोलर इंस्टॉलेशन सेवा केंद्र खोल सकते हैं, सोलर उपकरणों की मरम्मत का कार्य शुरू कर सकते हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में भागीदारी कर सकते हैं।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि गांवों में सौर ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। किसान सोलर पंप का उपयोग कर रहे हैं, घरों में सोलर लाइट और सोलर इन्वर्टर लग रहे हैं, जबकि छोटे व्यवसाय भी सौर ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित तकनीशियन की आवश्यकता बढ़ी है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में पारंपरिक बिजली की तुलना में सौर ऊर्जा अधिक सुलभ और आर्थिक रूप से लाभकारी होगी। इसी कारण सरकारें भी सोलर सेक्टर में निवेश बढ़ा रही हैं। युवाओं के लिए यह क्षेत्र लंबे समय तक स्थायी रोजगार देने वाला माना जा रहा है।

सूर्यमित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यवहारिक अनुशासन, सुरक्षा मानक और ग्राहक सेवा संबंधी जानकारी भी दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान उपकरणों का प्रत्यक्ष उपयोग कराया जाता है, ताकि प्रशिक्षणार्थी फील्ड में कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

यूपीनेडा द्वारा यह भी बताया गया है कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवाओं के लिए निजी कंपनियों में अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। कई प्रशिक्षित युवा पहले से विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं में कार्यरत हैं। वहीं कई युवाओं ने स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू कर स्थानीय स्तर पर अच्छी आय अर्जित की है।

प्रदेश में बढ़ते सोलर मिशन के कारण प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता और अधिक बढ़ने की संभावना है। सरकार द्वारा रूफटॉप सोलर योजना, कृषि सौर ऊर्जा योजना तथा सार्वजनिक संस्थानों में सौर संयंत्र लगाने के अभियान तेजी से चलाए जा रहे हैं। इससे प्रशिक्षित युवाओं के लिए दीर्घकालिक रोजगार की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि युवा इस प्रशिक्षण को समय रहते अपनाते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत करियर बना सकते हैं। आज जिस प्रकार डिजिटल और तकनीकी क्षेत्रों में कौशल की आवश्यकता बढ़ी है, उसी प्रकार ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

यूपीनेडा ने इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़कर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं। प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि अधिक से अधिक युवा लाभ उठा सकें।

अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु संपर्क:-

📞 +91 29869003, 9415181082, 8004949089

📧 ho_chinhat@rediffmail.com

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन युवाओं के लिए विशेष अवसर है जो तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और स्व-रोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए सूर्यमित्र कार्यक्रम भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक प्रभावी पहल माना जा रहा है।

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी भारतीय पत्रकार हैं, जो वर्तमान में Digital Bharat News के संस्थापक एवं प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे रघुवंशी वाइसहब प्रिंट मीडिया के भी संचालन से जुड़े हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले विकाश रघुवंशी ने राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के अनेक महत्वपूर्ण समाचारों का कवरेज किया है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के Sonbhadra क्षेत्र की सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। राजनीति, ग्रामीण विकास, जनसमस्याओं तथा स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है। उनके नेतृत्व में Digital Bharat News ने स्थानीय मुद्दों को डिजिटल मंच पर प्रमुखता से उठाकर आम जनता की आवाज़ को सशक्त बनाया है। डिजिटल मीडिया और प्रिंट मीडिया—दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वे निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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