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कॉपर में निवेश क्यों है गोल्ड और स्टॉक से बेहतर विकल्प सुजॉय की राय.

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Published On: March 21, 2026

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Investment Tips : अगर आप भी किसी ऐसे एसेट की तलाश में हैं, जो 24 घंटे आपका पैसा बढ़ा सके और स्‍टॉक व गोल्‍ड से भी बेहतर रिटर्न दिलाने की क्षमता रखता हो तो कॉपर इस तलाश को पूरा कर सकता है.

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कॉपर में निवेश करने से भविष्‍य में अच्‍छा रिटर्न मिलने की संभावना है.

नई दिल्‍ली. आजकल जिसको देखो सेना और स्‍टॉक में निवेश करता फिर रहा है. किसी को मल्‍टीबैगर की तलाश है तो कोई स्‍टैबिलिटी वाला विकल्‍प खोज रहा है. लेकिन, कोई ऐसे निवेश पर निगाह नहीं डाल रहा जो तब भी रिटर्न देता है जब गोल्‍ड सो रहा होता है. इसका मतलब है कि 24 घंटे आपके पैसे बढ़ाने वाला एसेट मिल जाए जो गोल्‍ड और स्‍टॉक दोनों को ही पीछे छोड़ सकता है. एनालिस्‍ट सुजॉय का कहना है कि कॉपर में निवेश करने वाले को स्‍टॉक और सोने की तरफ देखना भी नहीं पड़ेगा. इसमें किया गया निवेश अगले एक दशक में आपको इन दोनों से ही कहीं ज्‍यादा रिटर्न दिला सकता है.

सुजॉय ने अपनी लिंक्डिन पोस्‍ट में कहा है कि कॉपर ऐसा मेटल है, जो अगले 5 से 10 साल में आपके निवेश को कहां से कहां पहुंचा सकता है. लेकिन, सारे भारतीय अभी इस निवेश विकल्‍प की तरफ आंखें बंद करके बैठे हुए हैं. उन्‍होंने अपनी पोस्‍ट में लिखा, दुनिया का भविष्‍य बिना कॉपर के बन ही नहीं सकता है. यह इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनल, चार्जिंग स्‍टेशन, पॉवर ग्रिड और डाटा सेंटर सभी चीजों के लिए सबसे जरूरी मेटल है. जाहिर है कि इकनॉमी को बढ़ने के लिए इस धातु की जरूरत है और इसकी डिमांड बढ़ती ही जाएगी.

डिमांड ज्‍यादा और सप्‍लाई कम, मतलब…
हर निवेशक को एक बेसिक सा फंड तो पता ही है कि जब किसी चीज की डिमांड ज्‍यादा और सप्‍लाई कम होती है तो उसकी कीमत जबरदस्‍त तरीके से बढ़ने लगती है. इंडोनेशिया स्थित दुनिया की सबसे बड़ी कॉपर की खान बाढ़ की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुई है और अनुमान है कि साल 2026 तक इसकी वजह से 6 लाख टन से भी ज्‍यादा कॉपर की कमी होने वाली है. नई कॉपर माइन को शुरू होने में अभी 10 से 15 साल लग सकते हैं, जिसकी वजह से दुनियाभर में इसकी कीमतों में बड़ा उछाल आने की संभावना है.

क्‍या है कॉपर की स्थिति
पिछले दिनों सिर्फ एक दिन में ही इसकी कीमतों में 3 से 3.5 फीसदी का उछाल दिखा है. गोल्‍डमैन सॉक्‍स और सिटी का अनुमान देखें तो पता चलता है कि आने वाले समय में कॉपर का भाव 11 से 14 हजार डॉलर प्रति टन के भाव पहुंच सकता है, जो 20 से 50 फीसदी का उछाल है. चीन ने पिछले दिनों सोलर पर सब्सिडी देने का प्‍लान बनाया है, जिससे कॉपर की डिमांड और बढ़ने का अनुमान है. यही वजह है कि सुजॉय ने इसे शॉर्ट टर्म और लॉन्‍ग टर्म दोनों तरह के निवेशकों के लिए मुफीद बताया है.

गोल्‍ड और कॉपर में बड़ा अंतर
सुजॉय ने अपनी पोस्‍ट में लिखा कि सोने और कॉपर में वैसे तो बड़ा अंतर है. एक को लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन दूसरा भविष्‍य गढ़ने के लिए बाजार में दौड़ता है. दोनों एक बड़ा अंतर यह भी है कि जब गोल्‍ड अपनी बारी आने का इंतजार करता है, मसलन ग्‍लोबल मार्केट में डिमांड बढ़ने का वेट करता है तो कॉपर तब भी लगातार बढ़ता जाता है और 24 घंटे डिमांड में रहता है. उन्‍होंने साफ कहा कि कॉपर कोई मेटल नहीं, एक अवसर है और जो भी इस अवसर को गंवाता है, उसे भविष्‍य में पछताना पड़ सकता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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