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मिडिल ईस्ट की जंग के बीच वैश्विक तेल संकट से निपटने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बड़े फैसले के संकेत दिए हैं. अमेरिका समंदर में फंसे करीब 14 करोड़ बैरल ईरानी कच्चे तेल से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़ाकर आसमान छूती कीमतों को नीचे लाया जा सके. हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण दुनिया भर में पैदा हुई तेल की भारी कमी को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने ‘अस्थायी राहत’ देने का तरीका निकाला है.
ईरानी तेल पर प्रतिबंध हट सकते हैं
वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और आसमान छूती तेल की कीमतों के बीच अमेरिका ने एक ऐसा कदम उठाने का इशारा दिया है, जो पूरी दुनिया के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि अमेरिका जल्द ही ईरानी तेल टैंकरों से प्रतिबंध हटा सकता है, इसमें ट्विस्ट ये है कि सैंक्शन उन्हीं टैकर्स से हटेगा जो जंग के बीच फिलहाल समंदर में फंसे हुए हैं. ये फैसला ईरान के प्रति नरमी नहीं, बल्कि दुनिया भर में बेकाबू होती तेल की कीमतों को काबू में करने के लिए एक मजबूरी के तौर पर देखा जा रहा है.
क्या है अमेरिका का प्लान?
गुरुवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क पर बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने ईरानी तेल पर लगे सैंक्शन हटाने के संकेत गिए. उन्होंने बताया कि करीब 140 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल फिलहाल अलग-अलग जहाजों पर ‘फंसा’ हुआ है. प्रतिबंधों की वजह से इसे कोई खरीद नहीं पा रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण रोजाना 10-14 मिलियन बैरल तेल की कमी हो गई है. इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका इन फंसे हुए जहाजों को ‘अनसैंक्शन’ करने पर विचार कर रहा है. अमेरिका का मकसद इस तेल को ग्लोबल मार्केट में उतारकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नीचे लाना है, जो $100 प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं.
भारत के लिए क्या है इसके मायने?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. अगर अमेरिका ईरानी तेल से प्रतिबंध हटाता है तो भारत को रूस के बाद अब ईरान से भी भारी डिस्काउंट पर तेल मिलने का रास्ता खुल सकता है. अगर सप्लाई बढ़ती है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर पैनिक कंट्रोल हो सकता है.
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उत्कर्षा श्रीवास्तव डिजिटल जर्नलिस्ट हैं और जियो-पॉलिटिक्स टॉपिक्स पर लिखती हैं, वो वर्तमान में News18 Hindi के World सेक्शन में कार्यरत हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में 10+ वर्षों का अनुभव है, इस दौरान उन्होंने क…और पढ़ें


