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नोरा फतेही और संजय दत्त का गाना ‘सरके चुनर’ रविवार को रिलीज हुआ था और कुछ ही घंटों में ये गाना विवादों में घिर गया. इस गाने के लिरिक्स में मेकर्स ने अश्लीलता और ओछेपन की सारी हदें पार कर दीं. इतना काफी नहीं था कि इसके डांस स्टेप्स गाने की अश्लीलता को और बढ़ावा देते हैं. नोरा फतेही और संजय दत्त के इस गाने पर सख्त एक्शन की मांग हो रही है. साथ ही अब सेंसर बोर्ड पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर ये गाना पारित कैसे हुआ. लेकिन ये कोई पहला मौका नहीं है जब बॉलीवुड फिल्मों में गानों और एंटरटेनमेंट के नाम पर अशलीलता और फूहड़ता परोसी गई है. ये सिलसिला 90 के दशक और उससे भी पहले से चलते आ रहा है. इस आर्टिकल में उन गानों पर नजर डालते हैं कि जिनके डांस स्टेप्स और डबल मीनिंग लिरिक्स पर खूब बवाल मचा था, लेकिन शायद आपको ये जानकर हैरानी नहीं ही होगी कि विवादों में घिरे रहने के बावजूद ये गाने आज भी यूट्यूब पर मौजूद हैं.
नई दिल्ली. सबसे पहले बात करते हैं माधुरी दीक्षित के विवादित गाने चोली के पीछे क्या है. संजय दत्त और माधुरी की फिल्म ‘खलनायक’ का ये गाना उस वक्त काफी चर्चित था. ‘चोली के पीछे क्या है’ कि जमकर आलोचना हुई थी. आलोचकों का कहना था कि गाने के लिरिक्स डबल मीनिंग हैं और ये समाज में अश्लीलता को बढ़ावा देता है. हालांकि गाना आज भी यूट्यूब पर मौजूद है.

रानी मुखर्जी का गाना ‘ड्रीमम वेकअपम’ पर भी काफी विवाद हुआ था. दोहरे अर्थ वाले बोल के साथ ही इसके डांस स्टेप्स भी आपत्तिजनक हैं. इस गाने के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे थे. गाने में ‘ड्रीमम वेकअपम’, ‘क्रिटिकल कंडीशनम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसे ‘इंग्लिश-मल्यालम’ का मिश्रण कहा गया. इसपर महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने का भी आरोप लगा था.

गैंग्स ऑफ वासेपुर के इस गाने में इंग्लिश में डबल मीनिंग बोल का इस्तेमाल किया गया था. ये एक एडल्ट गाना है. अपनी बोल्डनेस की वजह से यह गाना रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इस गाने के कुछ दृश्यों और शब्दों पर आपत्ति जताई थी. इसके टीवी पर प्रसारण को लेकर भी कड़े नियम लागू किए गए थे ताकि इसे प्राइम टाइम में न दिखाया जाए.
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गोविंदा और करिश्मा कपूर का सबसे पॉपुलर गाना सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे भी विवादों में रहा था. ये गाना काफो चर्चित था. इस गाने को लेकर सबसे बड़ा विवाद इसके डबल मीनिंग लिरिक्स और बेहद बोल्ड प्रेजेंटेशन को लेकर हुआ था. 90 के दशक में जब परिवार के साथ फिल्में देखने का चलन ज्यादा था, उस समय इस तरह के गानों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग ने आपत्ति जताई. कई लोगों का मानना था कि ऐसे गाने अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं और पारिवारिक मनोरंजन की सीमा को पार करते हैं.

डेली बेली का गाना भाग भाग डीके बोस- इस गाने को अगर आप रिपीट पर गाएं या सुनेंगे तो आप अपने आप ही समझ जाएंगे कि इसको लेकर विवाद क्यों था. इस गाने की आलोचना करते हुए समाज के एक वर्ग ने सवाल खड़ा किया था कि इसमें राइटर ने बड़ी चालाकी से असामाजिक तत्व को ढक दिया है.

साल 1994 में आई फिल्म अंदाज का ये गाना भी अश्लीलता के मामले में कुछ पीछे नहीं है. जूही चावला और अनिल कपूर पर फिल्माए गए इस गीत के बोल कुछ ऐसे थे कि आप परिवार के सामने नहीं देख सकते है. इस गाने फैमिली फिल्म की हद पार कर दी थी.

विवादों की लिस्ट में अनन्या पांडे और विजय देवरकोंडा का गाना ‘आफत’ लेटेस्ट है. इस फ्लॉप फिल्म का गाना उससे भी बड़ा फ्लॉप था. अनन्या और विजय का गाना न सिर्फ महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करता है बल्कि रेप को भी बढ़ावा देता है. इस गाने के बोल रेप को नॉर्मलाइज करने की पूरी कोशिश करते हैं.

‘स्लमडॉग मिलनियर’ का गाना ‘रिंगा रिंगा’ रिलीज के साथ ही चर्चा में आ गया थाऔर इसकी वजह सिर्फ म्यूजिक नहीं, बल्कि इससे जुड़ा विवाद भी था. इस गाने को लेकर सबसे बड़ी आपत्ति इसके बोलों पर जताई गई. कई लोगों ने दावा किया कि ‘रिंगा रिंगा’ के लिरिक्स में कुछ ऐसे शब्द और संदर्भ हैं, जिन्हें ‘अश्लील’ या ‘डबल मीनिंग’ माना गया.


