—Advertisement—

सैलरी में नहीं हो रही बचत, तुरंत अपना लें ’60-20-10-10′ जादुई फॉर्मूला! हमेशा रहेंगे फाइनेंशली मजबूत – Jharkhand News

Author Picture
Published On: March 17, 2026

—Advertisement—

Last Updated:

आज कल लोगों में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सैलरी तो आती है और खत्म भी हो जाती है. महीने के अंत में जेब खाली हो जाती है. ऐसे में इस नए साल पर अगर आप इस फाइनेंशियल रूल को फॉलो कर लेते हैं, तो आपका फाइनेंशियल हेल्थ काफी अच्छा देखने को मिलेगा…. 

रांची के फाइनेंशियल एक्सपर्ट और म्युचुअल फंड एक्सपर्ट रवि बताते हैं, आज हम आपको एक ऐसे फॉर्मूले के बारे में बताने वाले हैं, जिसे अपनाकर आप अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को अच्छा बना सकते हैं और सैलरी की बचत कर निवेश भी कर सकते हैं. हम बात कर रहे हैं 60-20-10-10 फॉर्मूले की.

h

इस फॉर्मूले को अगर आप नए साल से अपनाते हैं तो आप कुछ ही महीनों में अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को अच्छा कर सकते हैं. 60-20-10-10 के इस फॉर्मूले में 60 का मतलब सैलरी के 60 प्रतिशत से हैं. सैलरी के 60 प्रतिशत हिस्से को आपको अपने जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए करना है.

h

इसमें किराया, राशन, बिजली-पानी और अन्य बिल, जरूरी फीस जैसे खर्चे शामिल करें. इसके लिए एक स्ट्रिक्ट बजट बनाएं और उसे पालन करें. सैलरी का 20 प्रतिशत हिस्सा लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करें. इसमें रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए निवेश और म्यूचुअल फंड में निवेश को शामिल करें.

Add News18 as
Preferred Source on Google

g

सैलरी का अगला 10 प्रतिशत हिस्सा शॉर्ट टर्म सेविंग्स के लिए रखें. इसमें इमरजेंसी फंड, इंश्योरेंस और सामान्य बचत को शामिल करें. कई बार ऐसा देखा जाता है कि अचानक से गाड़ी खराब हो जाती है या फिर अचानक से हल्की तबीयत खराब हो जाती है. जिसमें 40 से 50 हजार की जरूरत पड़ जाती है.

g

यह जो छोटे-छोटे शॉर्ट टर्म सेविंग है वे काफी मददगार साबित होते हैं. सैलरी का आखिरी 10 प्रतिशत हिस्सा आप अपने ऊपर खर्च कर सकते हैं जैसे घूमना, बाहर खाना, कपड़े या अन्य चीजें. आपकी कुछ निजी शौक है तो निश्चित तौर पर खर्च करें. क्योंकि, जब आप खुश और आनंद में रहेंगे तो बाकी चीज भी सहजता से होती रहेगी.

g

इसके अलावा एक बात का और ध्यान रखना है कि सैलरी के बढ़ने के साथ ही आपको इस फार्मूले को अपनाना होगा. वह भी एकदम स्ट्रिक्टली. कोशिश करें, अधिक से अधिक पैसा निवेश करने की. आगे चलकर आपको इसका जबरदस्त फायदा देखने को मिलेगा.

g

वहीं, अगर आपकी जरूरत थोड़ी कम है या फिर आप बैचलर है तो आप 60% की जगह 50% या 40% भी जरूरी चीजों पर खर्च कर सकते हैं. यह परसेंट आप अपने निजी जरूरत के अनुसार ऊपर नीचे भी कर सकते हैं. लेकिन आप जो भी करें उसको स्ट्रिक्टली फॉलो करें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Related News
Home
Facebook
Telegram
X